मुंबई वार्ता/हरीशचंद्र पाठक

पूरे भारत देश में 79 वां स्वतंत्रता हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसी कड़ी में नवी मुंबई के महापे में पारधी कॉलोनी में स्वतंत्रता दिवस एक अनोखे तरीके से मनाया गया। आजादी के बाद से आज तक यह समुदाय उपेक्षित है।इस समाज का विकास किया जाना चाहिए। आदिवासी पारधी महासंघ मुंबई व नवी मुंबई के अध्यक्ष संतोष पवार ने उक्त बातें कहीं।


पवार ने कहा कि स्वतंत्र भारत में आदिवासी पारधी समुदाय अभी भी अभाव और उपेक्षा का जीवन जी रहा है। संतोष पवार ने इस बात पर भी जोर दिया कि सरकार और प्रशासन को हमें यह एहसास दिलाना चाहिए कि हम आज स्वतंत्र भारत के नागरिक हैं। स्प्रिंकल फाउंडेशन के मुखिया शरद रणपिसे द्वारा पारधी समाज के बच्चों को मिठाई और शैक्षणिक साहित्य बांटा गया।


इस अवसर पर एक कॉपी एक कलम अभियान के वरिष्ठ पत्रकार राजू झनके ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि पारधी समाज के शैक्षणिक और सामाजिक उत्थान के लिए समाज को पहल करनी चाहिए। इस अवसर पर पूर्व गुप्तचर विभाग के अधिकारी एनके जाधव ने भी कहा कि हमें पारधी समाज के प्रति अपना कर्तव्य निभाना चाहिए।
इस अवसर पर अभिनेता राजेश वालुंज ने आश्वासन दिया कि वह पारधी समाज के बच्चों की प्रतिभा को निखारने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। वरिष्ठ पत्रकार महादु पवार ने कहा कि वह पारधी समाज के विकास के लिए एक पत्रकार के तौर पर अपना कर्तव्य निभाएंगे। इस अवसर पर पारधी समाज के बच्चों ने आजादी के गीतों पर नृत्य किया।
इस अवसर पर पारधी समाज में शैक्षणिक कार्य कर रहे शिक्षकों का सम्मान किया गया। पारधी समाज की ओर से समाजसेवी विलास घड़शी का विशेष आभार भी व्यक्त किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में पारधी समाज के भाई-बहन उपस्थित थे।


