■ किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता दें।
मुंबई वार्ता संवाददाता

पिछले तीन-चार दिनों में हुई मूसलधार बारिश से राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। खेतों में पानी भर जाने से फसलों का भारी नुकसान हुआ है, खड़ी फसलें बह गई हैं। अतिवृष्टि के कारण राज्य में लगभग 15 लाख एकड़ से अधिक क्षेत्र की फसलें बर्बाद हुई हैं। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ओला सूखा घोषित किया जाए और किसानों को प्रति हेक्टेयर 50 हजार रुपये की तत्काल सहायता दी जाए, ऐसी मांग महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने की है।


मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भेजे पत्र में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि मराठवाड़ा, विदर्भ और पश्चिम महाराष्ट्र के लगभग 17 जिलों को इस बारिश से काफी नुकसान उठाना पड़ा है। उत्तर महाराष्ट्र और कोंकण में भी बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। ज्वार, बाजरा, उड़द, मक्का, सोयाबीन, मूंग, कपास, तूर, फल और सब्जियों की भारी हानि हुई है। हजारों हेक्टेयर गन्ने की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। कुछ जगहों पर किसानों का पशुधन बह गया है, वहीं नांदेड़ जिले में जनहानि भी हुई है। पहले से संकट झेल रहे किसानों को प्रकृति ने और गहरे संकट में धकेल दिया है।


उन्होंने कहाा कि ज्य सरकार ने पंचनामा करने के आदेश दिए हैं, लेकिन इस कठिन परिस्थिति में सभी नियम, शर्तें और प्रक्रियाएँ एक तरफ रखकर किसानों की मदद की जानी चाहिए। जहाँ जनहानि हुई है, वहाँ पीड़ित परिवारों को सहानुभूतिपूर्वक सहायता दी जाए, यह कांग्रेस पार्टी की मांग है।


