मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

महाराष्ट्र की राजनीति में बड़े उलटफेर की संभावनाएँ बढ़ गई हैं क्योंकि उद्धव और राज ठाकरे, इन दो चचेरे भाइयों की चर्चा ज़ोर पकड़ रही है। और इसके चलते मुंबई की राजनीति के समीकरण बदलने की संभावना है। एकनाथ शिंदे की शिवसेना ने अब मुंबई नगर निगम चुनाव जीतने के लिए पूरी ताकत झोंकने के लिए 21 सदस्यीय कार्यसमिति की घोषणा की है।


मुंबई नगर निगम चुनाव के लिए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में एक स्वतंत्र २१ सदस्यीय कार्यसमिति की घोषणा की गई है। शिवसेना की इस कार्यसमिति में पार्टी के नेता, सांसद, पूर्व सांसद, विधायक और पूर्व विधायक शामिल हैं।मुंबई नगर निगम में सत्ता हासिल करने के लिए भाजपा और शिवसेना पुरज़ोर कोशिश कर रही हैं। राष्ट्रवादी (शरद पवार) कांग्रेस समेत कांग्रेस भी पूरी ताकत झोंकने की तैयारी में है। ऐसे में उद्धव और राज ठाकरे गठबंधन करेंगे या नहीं, इस पर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।


राजनीतिक स्तर पर चर्चा है कि शिंदे गुट की शिवसेना ने समय बर्बाद करने से पहले ही २१ लोगों की टीम बनाकर अपना अभियान शुरू कर दिया है।इन 21 सदस्यों में मुख्य नेता के रूप में एकनाथ शिंदे शामिल होंगे, जबकि रामदास कदम, गजानन कीर्तिकर, आनंदराव अडसूल, मीनाताई कांबले जैसे वरिष्ठ नेता सांसद श्रीकांत शिंदे, रवींद्र वायकर, मिलिंद देवड़ा और पूर्व सांसद राहुल शेवाले, संजय निरुपम के साथ होंगे।इसके अलावा विधायक प्रकाश सुर्वे, अशोक पाटिल, मुरजी पटेल, दिलीप लांडे, तुकाराम काटे, मंगेश कुडालकर और मनीषा कायंदे भी इसमें शामिल होंगे। पूर्व विधायक सदा सरवणकर, यामिनी जाधव, दीपक सावंत और शिशिर शिंदे भी समिति में होंगे।
ज्ञात हो कि मुंबई को एशिया का सबसे अमीर और प्रभावशाली नगर निगम माना जाता है। इसका २०२५-२६ का वित्तीय बजट ७४,४२४ करोड़ रुपये था।


