श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) समेत अन्य नगर निगम चुनावों के लिए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) के बीच सीट-बंटवारे पर सहमति बन गई है। इसके बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे बुधवार को अपनी पार्टियों के राजनीतिक गठबंधन की औपचारिक घोषणा करेंगे। यह ऐलान दोपहर को वर्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया जाएगा। इसकी जानकारी शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर दी।


शिवसेना (यूबीटी) के सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित फॉर्मूले के तहत मुंबई में शिवसेना (यूबीटी) को 145 से 150 सीटें, एमएनएस को 65 से 70 सीटें, जबकि राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) को 10 से 12 सीटें दी जाएंगी। बताया गया है कि शिवसेना (यूबीटी) ने 12 से 15 ऐसी सीटें एमएनएस के लिए छोड़ी हैं, जहां पहले उसके पार्षद थे। इनमें से अधिकतर पूर्व पार्षद अब एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो चुके हैं।
संजय राउत ने कहा कि कांग्रेस को लेकर फिलहाल बातचीत का मुद्दा बंद है, लेकिन शिवसेना (यूबीटी) कांग्रेस से अंत तक संवाद बनाए रखेगी। गौरतलब है कि कांग्रेस ने बीएमसी चुनाव अकेले लड़ने का फैसला किया है।उन्होंने बताया कि गठबंधन को अंतिम रूप सोमवार देर रात दिया गया।
राउत के मुताबिक, “शिवसेना (यूबीटी) और एमएनएस के कार्यकर्ताओं ने इस गठबंधन को स्वीकार कर लिया है। सीट-बंटवारे को लेकर कोई मतभेद नहीं है। यह गठबंधन उसी समय तय हो गया था, जब जुलाई में वर्ली में दोनों भाई एक साथ आए थे।”राउत ने यह भी कहा कि नासिक, पुणे, कल्याण-डोंबिवली (केडीएमसी), ठाणे और मीरा-भायंदर में भी सीट-बंटवारे का मुद्दा सुलझ चुका है। वहीं एनसीपी (शरद पवार गुट) के विधायक जयंत पाटिल के साथ गठबंधन को लेकर बातचीत जारी है और वे उद्धव ठाकरे के संपर्क में हैं।
एमएनएस नेता संदीप देशपांडे ने कहा, “अब कोई खींचतान नहीं है। उम्मीदवारों और जीत की संभावनाओं को लेकर आखिरी दौर की चर्चा हुई थी। मुंबई और मराठी मानूस के लिए दोनों भाई एक साथ आ रहे हैं। किसी भी पार्टी में कोई नाराजगी नहीं है। कार्यकर्ता मुंबई के लिए त्याग करेंगे, इसलिए बगावत की कोई गुंजाइश नहीं है।”


