धारावी पुनर्विकास पर सवालों का जवाब देगी सरकार;अडानी टीम का जवाब

Date:

मुंबई वार्ता संवाददाता

एशिया की सबसे बड़ी झोपड़पट्टी धारावी के पुनर्विकास का कार्य अडानी समूह द्वारा किया जा रहा है। परियोजना में कथित गड़बड़ियों को लेकर जब अडानी समूह से सवाल किया गया तो समूह की ओर से यह स्पष्ट किया जा रहा है कि इस संबंध में जवाबदेही सरकार की है।

धारावी पुनर्विकास परियोजना को लेकर यह आरोप सामने आ रहे हैं कि योजना में स्थानीय निवासियों को केंद्र में नहीं रखा गया है और इसे गलत तरीके से लागू किया जा रहा है। वरिष्ठ वास्तुकार चंद्रशेखर प्रभु ने शुक्रवार को एक मीडिया संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में कहा था कि धारावी पुनर्विकास का मौजूदा प्रारूप त्रुटिपूर्ण है और इसके चलते धारावी के मूल निवासी अपनी जमीन और कार्यस्थल से बेदखल हो सकते हैं।

चंद्रशेखर प्रभु के इन बयानों पर अडानी समूह के जनसंपर्क अधिकारी मकरंद गाडगील ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘हमें सरकार ने काम सौंपा है और हम वही कार्य कर रहे हैं। प्रभु द्वारा उठाए गए सवाल और लगाए गए आरोप सरकार से संबंधित हैं, इसलिए उनका जवाब भी सरकार ही देगी।’

प्रभु ने दावा किया था कि पुनर्विकास का मौजूदा ‘लाइव–वर्क’ मॉडल व्यवहारिक नहीं है। योजना के अनुसार मुफ्त आवास, स्वच्छ पानी, सड़कें और अन्य बुनियादी सुविधाएं देने के साथ धारावी को एक व्यावसायिक हब के रूप में विकसित करने की बात कही जा रही है। हालांकि, वर्तमान प्रारूप में धारावी के मूल निवासियों की आजीविका और कार्यस्थल को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नजर नहीं आती।

उन्होंने बताया कि धारावी में करीब 7,300 महिलाएं पापड़ बनाने के व्यवसाय से जुड़ी हैं और बड़ी संख्या में लोग छोटे–छोटे उद्योगों और कारोबार के जरिए जीवनयापन करते हैं। वर्तमान में उनके पास अपने कार्य के लिए आवश्यक जगह उपलब्ध है। यदि उन्हें 36 से 40 मंजिला इमारतों में आवास दिया गया तो उनका व्यवसाय कैसे चलेगा और रोजगार कैसे बचेगा, यह बड़ा सवाल है।

चंद्रशेखर प्रभु ने यह भी कहा कि पुनर्विकास का ठेका किसे दिया गया, यह मुख्य मुद्दा नहीं है। असली चिंता यह है कि बिना समुचित अध्ययन के योजना लागू की जा रही है। ऐसे में धारावी के निवासियों का न्यायसंगत और टिकाऊ पुनर्वसन कैसे होगा, इस पर गंभीर विचार की आवश्यकता है।

मीडिया द्वारा आयोजित कार्यक्रम में धारावी पुनर्विकास को लेकर उठाए गए मुद्दे को लेकर इस संवाददाता ने चंद्रशेखर प्रभु से संपर्क किया और पूछा कि इसके लिए सरकार जिम्मेदार है क्या? इस सवाल पर उनको मानो सांप सूंघ गया और उन्होंने फोन काट दिया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

मेडिकल डिग्री और लाइसेंस के बिना अवैध प्रैक्टिस करने वाले 10 बोगस डॉक्टरों पर मुंबई क्राइम ब्रांच 7 की कार्रवाई।

मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय बृहन्मुंबई के भांडुप, मानखुर्द, कुर्ला, जोगेश्वरी,...

विकसित भारत की यात्रा में मुंबई का योगदान अग्रणी रहेगा: भाजपा मुंबई अध्यक्ष अमित साटम।

■ सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स ने देखा...