श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं में महायुति के 68 उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। विपक्ष के आरोपों के बाद राज्य चुनाव आयोग ने जांच शुरू कर परिणामों पर रोक लगा दी है।


महाराष्ट्र में 29 महानगरपालिका के चुनाव नतीजे आने से पहले सत्ताधारी महायुति के 68 नगरसेवक निर्विरोध निर्वाचित घोषित हुए हैं। इनमें सबसे ज्यादा बीजेपी के 44 नगरसेवक हैं।मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना के 22 और उपमुख्यमंत्री अजीत पवार गुट के 2 उम्मीदवार निर्विरोध चुनाव जीतने में सफल रहे हैं। इसके अलावा इस्लामिक पार्टी के एक उम्मीदवार समेत एक निर्दलीय भी निर्विरोध चुनाव जीत चुके हैं।
विपक्षी दल के नेताओ ने इस जीत पर सवाल खड़े किए हैं। उनका आरोप है कि इसके पीछे पैसे का दुरुपयोग व सरकारी दबाव का खेल है। इस आरोप का संज्ञान लेते हुए राज्य चुनाव आयोग ने इसकी जांच शुरू कर दी है।
राज्य चुनाव आयोग अधिकारी दिनेश वाघमारे ने निर्विरोध चुने गए उम्मीदवारों की जांच होने तक परिणाम की घोषणा पर रोक लगा दी है। चुनाव आयोग इस बात की जांच करेगा कि कहीं उम्मीदवारों पर राजनीतिक दबाव या पैसे का लालच देकर नामांकन वापस तो नहीं कराए गए है।
राज्य निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि जिन उम्मीदवारों का निर्विरोध चुनाव हुआ है, उनके संबंध में रिटर्निंग ऑफिसर को विस्तृत जांच रिपोर्ट आयोग को सौंपनी होगी। विस्तृत जांच रिपोर्ट के बाद ही संबंधित उम्मीदवारों को औपचारिक रूप से विजेता घोषित किया जाएगा।
मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने सत्ताधारी दलों के उम्मीदवारों के निविरोध जीतने की पोल पट्टी खोलने का ऐलान किया है और अदालत का दरवाजा खटखटाने की भी घोषणा की है।



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