मुंबई वार्ता/सतीश सोनी

नागपुर शहर के साइबर पुलिस स्टेशन में दर्ज ऑनलाइन फ्रॉड का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। सोशल मीडिया के जरिए अपनी पहचान बढ़ाकर महिला से ७ लाख ५१ हजार १५० रुपये ऐंठने के मामले में साइबर पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए पुणे से 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसमें एक विदेशी नागरिक भी शामिल है।


मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महिला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शादी डोट कोम पर अपनी प्रोफाइल बनाई थी। इस दौरान, डॉ. मनीष मधुक बनकर एक व्यक्ति ने उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी, धीरे-धीरे उसका भरोसा जीता और भारत आकर मिलने का वादा करके, आरोपी ने अलग-अलग कारण बताकर उससे अलग-अलग बैंक अकाउंट में बड़ी रकम जमा करवा ली।
टेक्निकल जांच के चलते, शिकायत दर्ज होते ही साइबर पुलिस ने उन बैंक अकाउंट की पूरी टेक्निकल जांच की, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई थी। इस जांच के दौरान पता चला कि आरोपी की लोकेशन पुणे थी। सीनियर अधिकारियों को जानकारी देने के बाद एक स्पेशल टीम पुणे भेजी गई। जिसके बाद पुलिस ने ३ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों में सतारा जिले के पंचगनी का रहने वाला राहुल सतीश चव्हाण (29), पुणे के हड़पसर के मोहम्मद वादी का रहने वाला फैसल मोहम्मद फरीद शेख (३१) और मलावी का रहने वाला फ्रांसिस मसुकु जिम्बा (३१) शामिल हैं। जांच में पता चला कि फ्रांसिस जिम्बा पुणे में गैर-कानूनी तरीके से रह रहा था। विदेशी आरोपी का पासपोर्ट और वीज़ा ११ जून, २०२४ को एक्सपायर हो गया था। लेकिन, वह पुणे में गैर-कानूनी तरीके से रह रहा था। उसके कहने पर, दूसरे आरोपियों ने बैंक अकाउंट खोले, सारे डॉक्यूमेंट्स अपने पास रखे और धोखाधड़ी की रकम को अलग-अलग तरीकों से इधर-उधर किया।
पुलिस ने इस गैंग द्वारा और भी साइबर क्राइम का पता लगने की संभावना जताई है।


