मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र में 29 नगर निगम चुनावों में 64 उम्मीदवारों के निर्विरोध चुने जाने के मुद्दे पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राऊत ने राज्य चुनाव आयोग पर बेहद तीखे और आपत्तिजनक शब्दों में निशाना साधा है। राऊत ने कहा कि “चुनाव आयोग सत्ता के नीचे दबकर काम कर रहा है और उसने अपनी साख मिट्टी में मिला दी है।” उनके इस बयान से सियासी घमासान तेज होने की संभावना है।


संजय राऊत ने सवाल उठाया कि जब ईवीएम में ‘नोटा’ (NOTA) का विकल्प मौजूद है, तो किसी भी चुनाव को कानूनी रूप से निर्विरोध कैसे घोषित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नोटा भी मतदाता का संवैधानिक अधिकार है और उसे नज़रअंदाज़ करना जनता के अधिकारों पर सीधा हमला है।
● निर्विरोध चुनाव की वैधता पर सवाल
राऊत ने कहा,“चुनाव आयोग ने किस आधार पर रिपोर्ट मांगी है? ईवीएम पर नोटा का बटन होता है, जिसे दबाने का अधिकार हर मतदाता को है। नोटा भी कानूनन मान्य विकल्प है। ऐसे में चुनाव को निर्विरोध घोषित करना लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों की हत्या है।”
● चुनाव आयोग की साख पर गंभीर टिप्पणी
विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर के मामले में चुनाव आयोग द्वारा कार्रवाई न किए जाने पर भी राऊत ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग को संवैधानिक पद की गरिमा के अनुसार साहस दिखाना चाहिए।“अपने दफ्तर में टी.एन. शेषन की तस्वीर लगाइए और उनके जैसे काम करने की हिम्मत रखिए, वरना लोग आपको सत्ता का गुलाम ही कहेंगे,” ऐसा तंज राऊत ने कसा।
● एकनाथ शिंदे पर तंज
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर हमला बोलते हुए राऊत ने कहा,“अपने शहरी विकास मंत्री को कहिए कि कानून पढ़ें। ज़रूरत पड़े तो रात की पाठशाला या प्रौढ़ साक्षरता वर्ग में जाएं। आज जो भी साक्षरता आपको मिली है, वह शिवसेना की देन है।”
● उम्मीदवारों की वापसी पर पैसों के आरोप
कल्याण-डोंबिवली सहित अन्य नगर निगमों में उम्मीदवारों की नाम वापसी पर संजय राऊत ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा,“जिस तरह 40 विधायक टूटे, उसी तरह यहां उम्मीदवारों को पीछे हटाया गया। वहां 50 करोड़ थे, यहां 5 करोड़ की बोली लगी। जळगांव में 50 लाख, छोटी नगरपालिकाओं में रेट कम है। यह सब ‘खोके’ और ‘पेटियों’ का खेल है, लेकिन जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। चुनाव होंगे।”
● कानून-व्यवस्था पर गृह मंत्री से जवाब की मांग
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर भी राऊत ने सरकार को घेरा। उन्होंने सवाल किया कि भरत गोगावले का बेटा डेढ़ महीने से फरार कैसे है, जबकि पुलिस अन्य आरोपियों को पकड़ चुकी है।सोलापुर में मनसे पदाधिकारी की हत्या का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इसका जवाब उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को देना होगा।“महाराष्ट्र का चेहरा बदलने की बातें करने वालों ने राज्य का चेहरा खून से सना दिया है। इस सरकार में गुंडे और हत्यारे चुनावी मोहरे बन गए हैं,” ऐसा आरोप संजय राऊत ने लगाया।
संजय राऊत के इन बयानों से महाराष्ट्र की राजनीति में नया विवाद खड़ा होने के संकेत मिल रहे हैं।


