मुंबई वार्ता/कृष्ण गोपाल सिंह

भिवंडी मनपा का चुनाव चरम पर है। ऐसे समय पर भिवंडी समाज पार्टी में अंदरूनी कलह को लेकर घमासान मचा हुआ है। भिवंडी पूर्व विधानसभा से समाजवादी पार्टी से दूसरी बार विधायक बने रईस शेख मुंबई प्रदेश सपा अध्यक्ष अबू आसमी आजमी के खिलाफ खुली बगावत करते हुए मोर्चा खोल दिया है।अब परदे के पीछे की लड़ाई सरेआम हो गई है।


शनिवार को सपा उपाध्यक्ष अजय यादव द्वारा प्रेस कांफ्रेंस कर रईस शेख की पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर उनका पार्टी और एम एल ए पद से इस्तीफा मांगा गया था। जिसका पलटवार कर जवाब देते हुए रईस शेख ने एक वीडियो वायरल करते हुए उसमें बताया है कि आजकल मैं भिवंडी में देख रहा हूं जिनको रईस शेख का चेहरा नहीं पसंद है, जिन्होंने हर जगह से मेरा फोटो गायब कर दिया था। यह वही लोग है जो अपने आप को दबंग बोलते हैं और रईस शेख को भिवंडी से मुंबई भेजना चाहते थे,भिवंडी की जनता से दूर करना चाहते थे, जिनका मकसद रईस शेख को राजनीति से खत्म करना था।
शेख ने कहा कि आज उनकी मजबूरी है कि वह मेरा फोटो राष्ट्रीय अध्यक्ष से बड़ा लगा करके अपना काम निकाल रहे हैं।यह लोग दबंग नहीं बहरूपिया है। फिर रईस शेख का नाम और रईस शेख की फोटो लगा करके क्यों प्रचार कर रहे हैं। क्योंकि यह उनकी मजबूरी है, इसके पीछे इनका घिनौना चेहरा है।इसे पहचानने की जरूरत है।यह वही लोग हैं जो आज तक भिवंडी को पीछे करने का काम किया है। मैं आपसे निवेदन करता हूं कि आप सच्चाई को पहचाने और सच्चाई का साथ दे और ऐसे दोहरे चरित्र के लोगों से दूर रहें।
सवाल यह है कि क्या रईस शेख के सवालों का 9 जनवरी को भिवंडी के दौरे पर आ रहे सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जवाब देंगे।


