मुंबई वार्ता संवाददाता

राज्य में चल रहे स्थानीय स्वराज्य संस्थाओं के चुनावों में सत्ताधारी दल द्वारा बड़े पैमाने पर गुंडागर्दी की जा रही है। उम्मीदवारों को धमकाया जा रहा है, पैसों का लालच देकर नामांकन दाखिल नहीं करने दिया जा रहा या नाम वापस लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। पुलिस तंत्र, प्रशासन और चुनाव आयोग सत्ताधारी दल के एजेंट की तरह काम कर रहे हैं। लोकतंत्र में चुनाव निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त माहौल में होने चाहिए, लेकिन राज्य में इन मूल्यों को कुचला जा रहा है। यह सत्ता की नहीं, बल्कि लोकतंत्र को बचाने की कांग्रेस की लड़ाई है, ऐसा कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने कहा।


महानगरपालिका चुनाव प्रचार के दौरान आज अहिल्यानगर में आयोजित पत्रकार परिषद को संबोधित करते हुए हर्षवर्धन सपकाळ ने यह आरोप लगाए। इस अवसर पर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के सांसद निलेश लंके, प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष शरद आहेर सहित महाविकास आघाड़ी के पदाधिकारी उपस्थित थे।


हर्षवर्धन सपकाळ ने आगे कहा कि विपक्ष प्रचार न कर सके, इसके लिए सत्ताधारी दल योजनाबद्ध तरीके से रुकावटें खड़ी कर रहा है। विपक्षी दलों को हेलिकॉप्टर न मिले, प्रचार सभाओं के लिए मैदान न मिले, इसके लिए उन्हें जानबूझकर ब्लॉक किया जा रहा है। चुनाव एकतरफा नहीं होने चाहिए, विपक्ष को भी अपनी बात रखने का समान अवसर मिलना चाहिए।राज्य में हिंसक घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। उम्मीदवारों को डराने के लिए खुलेआम बंदूकें और कोयते लेकर घूमना आम हो गया है। अकोट, सोलापुर और खोपोली में अब तक तीन हत्याएं हो चुकी हैं, जो लोकतंत्र के लिए बेहद घातक है।
उन्होंने कहा कि महानगरपालिका चुनाव पानी, स्वच्छता, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे मूलभूत मुद्दों पर होने चाहिए, लेकिन भाजपा और उसकी महायुति इन मुद्दों पर बात नहीं कर रही है। इसके बजाय ‘महापौर मराठी होना चाहिए या उर्दू’, ‘खान चाहिए या बाण’ जैसे मुद्दों पर भाजपा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बयानबाजी कर रहे हैं। सत्ता में शामिल तीनों सहयोगी दल आपस में ही आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं, जो केवल दिखावटी लड़ाई और ‘नूरा कुश्ती’ है।भाजपा खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी और अपने नेतृत्व को ‘विश्वगुरु’ बताती है, लेकिन यह दावा पूरी तरह खोखला है।
भाजपा के पास न योग्य नेता हैं, न पदाधिकारी और न ही जमीनी कार्यकर्ता। उन्हें विरोधी दलों से साम, दाम, दंड, भेद की नीति अपनाकर लोग लाने पड़ रहे हैं। भाजपा के निष्ठावान कार्यकर्ताओं को केवल झंडा उठाने और कुर्सियां ढोने का काम दिया गया है। भाजपा विरोधी दलों के नेताओं को निगलने वाली ‘चुड़ैल’ बन चुकी है, ऐसा कड़ा हमला कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाळ ने किया।


