श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 35 गंभीर आपराधिक मामलों में वांछित मकोका आरोपी को गिरफ्तार किया है। जानकारी मिली है कि आरोपी जेल में रहते हुए चोरों की नई-नई टोलियां तैयार करता था और मुंबई में वारदात को अंजाम दिलवाकर अन्य राज्यों में फरार हो जाता था।


परिमंडल-1 के पुलिस उपायुक्त डॉ. प्रवीण मुंडे के अनुसार 6 जनवरी 2025 की रात करीब 10.30 बजे रमाबाई आंबेडकर मार्ग थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज लूट और हत्या के प्रयास की घटना सामने आई थी। शिकायतकर्ता को 3 से 4 अज्ञात बदमाशों ने रोका, मारपीट की और बंदूक से उसके भतीजे पर दो गोलियां दागकर हत्या का प्रयास किया। इसके बाद आरोपी लगभग 47 लाख 27 हजार रुपये मूल्य के सोने के आभूषण लूटकर फरार हो गए थे।इस प्रकरण में मकोका सहित अन्य गंभीर धाराओं के तहत सीसीटीएनएस क्रमांक 08/2025 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।


जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि इस वारदात का मास्टरमाइंड कैलाश उर्फ के.पी. (उम्र 54), निवासी उल्हासनगर, ठाणे है। आरोपी के खिलाफ मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई, पुणे और धुले सहित कुल 35 संगीन अपराध दर्ज हैं।पुलिस ने सबसे पहले इस गिरोह से जुड़े दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया, जिनके खिलाफ मुंबई में ही 10 से अधिक मामले दर्ज हैं।
पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि पूरे अपराध की साजिश कैलाश उर्फ के.पी. ने रची थी, जो नागपाड़ा थाने में दर्ज मकोका मामले में भी वांछित था।पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कैलाश जेल में रहते हुए भी चोरों की नई टोली तैयार करता था। हर बार नई गैंग बनाकर वारदात कराना ही उसके लंबे समय तक गिरफ्तारी से बचने का कारण रहा।
सहायक पुलिस आयुक्त जगदीश कुलकर्णी के मुताबिक आरोपी वारदात के बाद दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में लगातार ठिकाने बदलता रहा।आरोपी की गिरफ्तारी के लिए परिमंडल-1 के अंतर्गत एक विशेष पुलिस दल का गठन किया गया, जिसने करीब एक वर्ष तक तकनीकी और जमीनी स्तर पर उसकी तलाश की।
गुप्त सूचना के आधार पर पता चला कि आरोपी ठाणे की उपनगरी में अपनी प्रेमिका के यहां छिपा हुआ है और रायगढ़ जिले के नेरल बाजार आने वाला है। इसके बाद पुलिस दल ने सादे कपड़ों में बाजार में जाल बिछाकर उसे घेराबंदी कर दबोच लिया।
कार्रवाई में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक योगेश साबले, पुलिस निरीक्षक (क्राइम) फरीद खान सहित उपनिरीक्षक सूरज देवरे, रामप्रसाद चंदवाडे और पुलिस कर्मी चव्हाण, घाग, पवार, मोरे, सचिन पाटिल व कांबले शामिल रहे।


