मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई की एमआईडीसी पुलिस ने क्रिप्टोकरेंसी के जरिए अधिक मुनाफा दिलाने का झांसा देकर एक गारमेंट व्यापारी से करीब ₹90 लाख की ठगी करने के मामले में तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान एंथनी चेट्टियार उर्फ एंथनी साहिल, सोहेल खान और अमजद अली शेख के रूप में हुई है। तीनों को उसी अपराध में पुलिस हिरासत में रखा गया है।


पुलिस ने इस मामले में ध्रुव मेहता, अजगर हुसैन, शेख अशपाक, मोहम्मद तौसीम खान और मनोज प्रजापति को फरार आरोपी घोषित किया है। इनकी तलाश के लिए पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं।
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने शिकायतकर्ता को एक लाख यूएसडीटी (USDT) क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर करने का लालच देकर निवेश के लिए प्रेरित किया था।
शिकायतकर्ता राजेश बंभानिया विले पार्ले में अपने परिवार के साथ रहते हैं और घाटकोपर में ‘ओनली बेसिक’ नाम से गारमेंट फैक्ट्री चलाते हैं। जुलाई 2025 में वह व्यापार के सिलसिले में चीन के ग्वांगझोउ गए थे, जहां उनकी मुलाकात पीटर जू नामक व्यक्ति से हुई। पीटर जू ने खुद को गारमेंट मटीरियल और फैब्रिक एक्सेसरीज़ का थोक व्यापारी बताते हुए व्यापार में रुचि दिखाई।
इसी दौरान बंभानिया के एक रिश्तेदार ने उनकी मुलाकात ध्रुव मेहता से कराई, जिसने दावा किया कि वह क्रिप्टोकरेंसी के जरिए गारमेंट व्यापार करता है और इसमें भारी मुनाफा कमाता है। मेहता ने बंभानिया को भी क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से लेनदेन करने पर ज्यादा रिटर्न मिलने का भरोसा दिलाया।
विश्वास जीतने के बाद मेहता ने चीन में मौजूद पीटर जू से क्रिप्टो ट्रेडिंग को लेकर बातचीत कराई। दोनों ने मिलकर अच्छे मुनाफे का आश्वासन दिया, जिसके बाद बंभानिया निवेश के लिए राजी हो गए। योजना के तहत बंभानिया अपने भाई अल्पेश पटेल के साथ अंधेरी स्थित एक निजी कंपनी के कार्यालय पहुंचे, जहां मेहता समेत सात अन्य लोग मौजूद थे।
मेहता ने वहां बंभानिया का परिचय एंथनी साहिल, अमजद शेख, अजगर हुसैन, शेख अशपाक, मनोज प्रजापति और मोहम्मद तौसीम खान से कराया। मेहता के कहने पर बंभानिया ने एंथनी को ₹90 लाख नकद सौंप दिए। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि क्यूआर कोड के जरिए क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर कर दी जाएगी।
हालांकि काफी समय बीतने के बाद आरोपियों ने केवल एक लाख यूएसडीटी की क्रिप्टोकरेंसी ट्रांसफर की। जब बंभानिया ने बाकी रकम के बारे में पूछताछ की तो सभी आरोपियों ने फोन उठाना बंद कर दिया और मोबाइल स्विच ऑफ कर लिए।
ठगी का अहसास होने पर बंभानिया ने एमआईडीसी पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। करीब एक महीने बाद एंथनी चेट्टियार, सोहेल खान और अमजद अली शेख को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उनकी संलिप्तता की पुष्टि होने के बाद उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।


