श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई को नया महापौर 26 जनवरी के बाद ही मिलने की संभावना है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के व्यस्त कार्यक्रम और अन्य कारणों से मुंबई महापौर का चुनाव फिलहाल टल सकता है।


सूत्रों के अनुसार, देवेंद्र फडणवीस शनिवार रात दावोस निवेश शिखर सम्मेलन के लिए रवाना होंगे और उनकी वापसी 25 जनवरी को होगी। ऐसे में महापौर पद का चुनाव उनकी वापसी के बाद ही होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना भी मुंबई महापौर पद पर अपना दावा ठोक रही है। इस दावेदारी को लेकर सहमति या समझौता बनने में भी समय लग सकता है। साथ ही, महापौर के चयन में आरक्षण आधारित लॉटरी प्रणाली भी लागू होती है, जो प्रक्रिया को और समयसाध्य बनाती है।मुंबई महापौर के चुनाव के लिए किसी पार्टी या गठबंधन को कम से कम 114 वार्डों में जीत दर्ज करनी होती है।
मौजूदा स्थिति में, बीजेपी 227 में से 89 वार्ड जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, जबकि उसकी सहयोगी शिंदे-सेना ने 29 वार्ड जीते हैं। इस तरह महायुति गठबंधन के पास कुल 118 वार्ड हैं, जो बहुमत के आंकड़े से अधिक है।महापौर का चयन नगरसेवकों द्वारा किया जाता है, लेकिन इसमें एक खास व्यवस्था है—आरक्षण के तहत लॉटरी। यह लॉटरी राज्य के शहरी विकास विभाग द्वारा कराई जाती है, जिसमें सामान्य वर्ग, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए रोटेशन के आधार पर महापौर पद तय होता है।
सूत्रों का कहना है कि देवेंद्र फडणवीस की वापसी के बाद ही बीएमसी आयुक्त महापौर चुनाव के औपचारिक कार्यक्रम घोषित करेंगे। इसमें महापौर और उपमहापौर —दोनों पदों के लिए श्रेणी निर्धारण की लॉटरी और फिर मतदान की प्रक्रिया शामिल होगी।हालांकि, संभावित महापौर उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा अभी से शुरू हो गई है।मुंबई महानगर पालिका चुनाव परिणाम घोषित होते ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मुंबई महापौर पद पर अपनी पार्टी का दावा पेश किया था।
शिंदे-सेना की प्रवक्ता शीतल म्हात्रे ने कहा कि उनकी पार्टी ढाई साल के लिए मुंबई महापौर पद चाहती है और बालासाहेब ठाकरे की जन्मदिन के अवसर पर यह पद शिवसेना को मिलना चाहिए।


