श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल (एमपीसीबी) ने मुंबई के अंधेरी (पूर्व) स्थित टारमट लिमिटेड की यूनिट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए हैं। यह कार्रवाई जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 की धारा 33(ए) और वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 की धारा 31(ए) के तहत की गई है।


एमपीसीबी के अनुसार 5 फरवरी 2026 को बोर्ड अधिकारियों द्वारा यूनिट का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण में पाया गया कि कंपनी का ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ (संचालन की अनुमति) 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका था और उसे नवीनीकरण नहीं कराया गया था, इसके बावजूद प्लांट का संचालन जारी था। साथ ही आसपास के रहवासियों द्वारा वायु प्रदूषण को लेकर शिकायतें भी प्राप्त हुई थीं।निरीक्षण रिपोर्ट में कई गंभीर खामियां सामने आईं।
कच्चा माल खुले में बड़ी मात्रा में संग्रहित पाया गया, ट्रांसफर पॉइंट्स ढके नहीं थे और सेडिमेंटेशन टैंक भी मौके पर मौजूद नहीं था। प्लांट के चारों ओर धूल नियंत्रण के लिए पानी के छिड़काव या केमिकल डस्ट स्टैबिलाइजिंग एजेंट का कोई प्रबंध नहीं था। इसके अलावा स्वचालित टायर वॉशिंग सिस्टम भी उपलब्ध नहीं पाया गया।
एमपीसीबी ने यह भी कहा कि यूनिट द्वारा रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) से जुड़े बोर्ड के दिशा-निर्देशों का गंभीर उल्लंघन किया गया है।इन सभी तथ्यों और रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद एमपीसीबी ने निष्कर्ष निकाला कि कंपनी जानबूझकर जल और वायु प्रदूषण नियंत्रण कानूनों का उल्लंघन कर रही है। इसके चलते क्षेत्रीय अधिकारी, मुंबई ने यूनिट को तुरंत सभी गतिविधियां बंद करने का निर्देश दिया है। साथ ही संबंधित विद्युत और जल आपूर्ति एजेंसियों को यूनिट की बिजली और पानी की आपूर्ति काटने के आदेश भी दिए गए हैं।
एमपीसीबी ने चेतावनी दी है कि यदि आदेशों का पालन नहीं किया गया तो कंपनी के खिलाफ अभियोजन सहित आगे की कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस आदेश की प्रतिलिपि बिजली वितरण कंपनियों, बृहन्मुंबई महानगरपालिका और संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है ताकि बंदी के आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके।


