मुंबई वार्ता संवाददाता

डिजिटल युग में बच्चों का बढ़ता ‘स्क्रीन टाइम’ कम करने और उन्हें मैदानी खेलों की ओर प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुंबई महानगरपालिका द्वारा महापौर चषक क्रीड़ा प्रतियोगिता को और व्यापक बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। वर्ष 2026-27 में आयोजित होने वाली महापौर चषक क्रीड़ा प्रतियोगिता के लिए 5 करोड़ रुपये के निधि प्रावधान का आश्वासन महापौर श्रीमती रितू तावडे ने दिया है।यह जानकारी उन्होंने वर्ष 2025-26 की प्रतियोगिता के आयोजन को लेकर 18 मार्च 2026 को महानगरपालिका मुख्यालय में आयोजित संयुक्त बैठक में दी।


बैठक में उपमहापौर संजय घाडी, विपक्ष की नेता किशोरी पेडणेकर, बेस्ट समिति अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव, समाजवादी पार्टी की गटनेता अमरीन शहजाद अब्राहनी, महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी सहित विभिन्न क्रीड़ा संगठनों के पदाधिकारी उपस्थित थे।महापौर रितू तावडे ने कहा कि आज के समय में बच्चे मोबाइल फोन में उलझते जा रहे हैं और मैदानी खेलों से दूर हो रहे हैं। ऐसे में महापौर चषक क्रीड़ा प्रतियोगिता बच्चों को खेल के मैदान तक लाने का एक प्रभावी माध्यम साबित होगी।


उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले संगठनों को अधिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी और नए संगठनों को भी इसमें शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि खेल संगठनों को महानगरपालिका के मैदान कम शुल्क में उपलब्ध कराने, मैदानों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने और कुछ स्थानों पर शुल्क में छूट देने पर विचार किया जाएगा। साथ ही, प्रतियोगिता की तैयारी के लिए तीन महीने के बजाय चार महीने का समय देने का निर्णय भी लिया गया है।महापौर ने शैक्षणिक संस्थानों के मैदान प्रतियोगिता के लिए उपलब्ध कराने और स्थानीय नगरसेवकों को भी इस पहल से जोड़ने की बात कही, ताकि प्रतियोगिता को और व्यापक स्तर पर आयोजित किया जा सके।


उपमहापौर संजय घाडी ने कहा कि क्रीड़ा संगठनों की समस्याओं के समाधान के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे और पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देना समय की जरूरत है। वहीं, तृष्णा विश्वासराव ने बताया कि वर्ष 1976 से शुरू हुई यह प्रतियोगिता मुंबई के खिलाड़ियों को लगातार प्रोत्साहित कर रही है और उनमें खेल भावना का विकास करती है।महानगरपालिका आयुक्त भूषण गगराणी ने भी इस अवसर पर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।


