मुंबई वार्ता संवाददाता

महिलाओं में होने वाले गर्भाशय के कैंसर को रोकने के लिए 14 से 15 वर्ष की किशोरियों को दी जाने वाली एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) वैक्सीन को भिवंडी शहर में बहुत कम प्रतिसाद मिल रहा है। टीकाकरण की इस धीमी गति को देखते हुए मनपा चिकित्सा विभाग ने नागरिक स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया है।


मनपा के चिकित्सा विभाग की माता एवं बाल कल्याण अधिकारी डॉ. वैशाली बारोट ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया है कि यह विशेष अभियान 8 मार्च से 8 जून तक चलाया जा रहा है। शहर की 6,120 किशोरियों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है।अभियान के पहले दस दिनों में केवल 47 लड़कियों ने ही टीका लगवाया है, जो लक्ष्य की तुलना में बेहद कम है।डॉ. बारोट के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा वैक्सीन के बारे में गलत अफवाहें फैलाई जा रही हैं।


यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि यह टीका सुरक्षित नहीं है या इससे भविष्य में बांझपन हो सकता है। इन अफवाहों को रोकने और टीकाकरण बढ़ाने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। आशा कार्यकर्ता और नर्सें घर-घर जाकर किशोरियों की पहचान कर रही हैं और उनके अभिभावकों को टीके के महत्व के बारे में समझा रही हैं।नागरिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारी स्कूलों में जाकर छात्रों और अभिभावकों के साथ बैठकें कर रहे हैं ताकि वैज्ञानिक जानकारी साझा की जा सके।
स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि एचपीवी वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित है और गर्भाशय के कैंसर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें।


