मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) दक्षिण मुंबई के चार प्रमुख उद्यानों का हरित कायाकल्प करने जा रही है। इस परियोजना के तहत नए पौधारोपण, आकर्षक लैंडस्केपिंग और बांस की फेंसिंग की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस कार्य के दौरान किसी भी मौजूदा पेड़ या पौधे को न तो हटाया जाएगा और न ही नुकसान पहुंचाया जाएगा।


इस योजना में कूपरेज गार्डन, नेहरू गार्डन कोलाबा, बीएस सोमानी गार्डन और वॉल्टर डी’सूजा गार्डन को शामिल किया गया है। कूपरेज गार्डन को छोड़कर बाकी तीन उद्यानों में पिछले वर्ष रखरखाव और उन्नयन का कार्य हो चुका है, जबकि इस वर्ष विशेष रूप से हरित सुधार पर ध्यान दिया जाएगा।


बीएमसी के अनुसार, इस परियोजना का उद्देश्य आसपास के क्षेत्रों को ठंडा रखना और प्रदूषण को कम करना है। इसके तहत मिट्टी की गुणवत्ता सुधारकर पौधों की तेज वृद्धि सुनिश्चित की जाएगी। बांस के पौधे कार्बन अवशोषण में सहायक होंगे और मिट्टी को समृद्ध बनाकर अन्य वनस्पतियों को भी लाभ पहुंचाएंगे।
परियोजना के तहत उद्यानों में 3 फुट ऊंचे बांस लगाए जाएंगे। साथ ही 15 सेंटीमीटर ऊपरी मिट्टी हटाकर उसकी जगह लाल मिट्टी और गोबर का मिश्रण डाला जाएगा, जिससे उर्वरता बढ़ेगी और प्रदूषण कम होगा। इसके अलावा कोरियन या मैक्सिकन कार्पेट लॉन लगाए जाएंगे, जो घने, गहरे हरे, ठंडक प्रदान करने वाले और सूखा-रोधी होते हैं। उद्यानों में रंग-बिरंगे झाड़ियां भी लगाई जाएंगी।
विशेषज्ञों के अनुसार, बांस एक तेजी से बढ़ने वाला पौधा है, जो प्रति हेक्टेयर लगभग 60 टन तक कार्बन अवशोषित कर सकता है और मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
इस हरित परियोजना पर करीब 25 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे इन लोकप्रिय उद्यानों का पर्यावरणीय संतुलन और सौंदर्य दोनों बेहतर होंगे।


