मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ‘बेस्ट’ उपक्रम को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। साथ ही सेवानिवृत्त कर्मचारियों को ग्रेच्युटी (उपदान) और अन्य कानूनी देनदारियों का भुगतान करने के प्रति भी प्रशासन संवेदनशील है। ‘बेस्ट’ के पास अपनी खुद की बसों का बेड़ा बढ़ाने को प्राथमिकता दी जाएगी। इस दिशा में लगातार बैठकों के जरिए योजनाबद्ध कार्रवाई की जाएगी। यह बात महापौर श्रीमती रितू तावड़े ने कही।


‘बेस्ट’ उपक्रम के कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर संयुक्त बैठक आज (27 मार्च 2026) बीएमसी मुख्यालय स्थित स्थायी समिति सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता महापौर श्रीमती रितू तावड़े ने की। इस दौरान कार्यरत और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की विभिन्न मांगों जैसे ग्रेच्युटी, वेतन समझौता, पदोन्नति, अनुकंपा के आधार पर भर्ती, स्वामित्व वाली बसों की उपलब्धता और आर्थिक सहायता जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।


महापौर ने ‘दि बी.ई.एस.टी. वर्कर्स यूनियन’ और ‘बेस्ट संयुक्त कामगार कृती समिति’ के पदाधिकारियों से संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना और उनके समाधान का आश्वासन दिया।बैठक में उपमहापौर संजय घाडी, सभागृह नेता गणेश खणकर, स्थायी समिति अध्यक्ष प्रभाकर शिंदे, शिवसेना गटनेते अमेय घोले, ‘बेस्ट’ समिति अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव, अतिरिक्त नगर आयुक्त (शहर) तथा ‘बेस्ट’ महाव्यवस्थापक (अतिरिक्त प्रभार) डॉ. अश्विनी जोशी, सहायक महाव्यवस्थापक (विधि) राजेंद्र डुबल, मुख्य व्यवस्थापक (परिवहन) रमेश मडावी सहित संबंधित अधिकारी और यूनियन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


महापौर तावड़े ने कहा कि ‘बेस्ट’ मुंबई की प्रमुख सार्वजनिक परिवहन और बिजली आपूर्ति संस्था है और देश की सबसे बड़ी शहरी परिवहन सेवाओं में से एक है। इसे आर्थिक रूप से सक्षम और स्वावलंबी बनाने के लिए ठोस और प्रभावी उपाय करना जरूरी है। ‘बेस्ट’ के पास अपनी बसों की संख्या बढ़ाना समय की आवश्यकता है, जिसके लिए सकारात्मक कदम उठाए जाएंगे।उन्होंने ‘बेस्ट’ प्रशासन को निर्देश दिए कि वह आर्थिक अनुशासन बनाए रखे, आय बढ़ाने और कार्यक्षमता सुधारने पर ध्यान दे, साथ ही दीर्घकालिक और प्रभावी योजनाएं बनाकर उनका सख्ती से क्रियान्वयन सुनिश्चित करे।


