मुंबई वार्ता संवाददाता

करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र श्री सिद्धिविनायक गणपती मंदिर इन दिनों एक बड़े प्रशासनिक विवाद को लेकर चर्चा में है। मंदिर ट्रस्ट के कुछ ट्रस्टीयों ने कार्यकारी अधिकारी वीणा पाटिल और उप-कार्यकारी अधिकारी संदीप राठोड़ पर भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिससे हड़कंप मच गया है।


मामले की गंभीरता को देखते हुए महाराष्ट्र राज्य का कानून और न्याय विभाग ने दोनों अधिकारियों को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।जानकारी के अनुसार, सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के दो ट्रस्टी और तीन अन्य स्वतंत्र शिकायतकर्ताओं ने विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता की कमी, अधिकारों के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं।


खास बात यह है कि खुद ट्रस्टीयों द्वारा शिकायत किए जाने से मामला और गंभीर हो गया है।कानून और न्याय विभाग ने प्राथमिक स्तर पर इन आरोपों को संज्ञान में लेते हुए विस्तृत जांच के संकेत दिए हैं। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे सात दिनों के भीतर अपना पक्ष स्पष्ट करें। यदि उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया, तो उनके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।
इसके अलावा, विभाग ने जांच के लिए मंदिर से जुड़े सभी महत्वपूर्ण दस्तावेज तत्काल प्रस्तुत करने के भी आदेश दिए हैं।


