मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) की आयुक्त अश्विनी भिडे ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि शहर में नागरिकों को उच्च गुणवत्ता की मूलभूत सेवाएं “लोकाभिमुख” तरीके से उपलब्ध कराई जाएं और इसके लिए “Back to Basics” दृष्टिकोण अपनाया जाए।


बीएमसी मुख्यालय में आयोजित सभी विभागों की मासिक समीक्षा बैठक में बोलते हुए उन्होंने कहा कि मुंबई में चल रहे सड़क कार्यों को दीर्घकालीन दृष्टि से पूरा किया जाए और इनके संचालन के लिए रेलवे की तर्ज पर “मॉडल ऑपरेशनल नॉर्म्स” तैयार किए जाएं। इसमें अगले 10 वर्षों के यातायात, रखरखाव और उपयोगिता का समावेश होना चाहिए।


आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनप्रतिनिधियों के साथ लगातार संवाद बनाए रखें और नालों की सफाई, सड़क कार्यों की प्रगति जैसी जानकारी नियमित रूप से नागरिकों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि पारदर्शी और सक्रिय संवाद से ही बेहतर समन्वय संभव है।
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि 70 प्रतिशत से अधिक पूर्ण हो चुके सड़क कार्य 1 जून से पहले हर हाल में पूरे किए जाएं, ताकि बारिश के दौरान यातायात प्रभावित न हो। साथ ही अधूरे मार्गों को भी सुरक्षित और सुगम बनाए रखने पर जोर दिया गया।
नालों की सफाई के कार्यों की जानकारी प्रतिदिन नागरिकों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचाने, तथा सोशल मीडिया के माध्यम से भी अपडेट देने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा जलभराव वाले स्थलों (क्रॉनिक स्पॉट) के लिए दीर्घकालीन समाधान की योजना अभी से तैयार करने को कहा गया।
अश्विनी भिडे ने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में उभर रहे नए व्यवसायों—जैसे ऑनलाइन डिलीवरी और गिग वर्कर्स—की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए विकास योजना में आवश्यक बुनियादी ढांचे का समावेश किया जाए।
स्वच्छता को लेकर उन्होंने कहा कि इसे किसी प्रोजेक्ट की तरह नहीं बल्कि नियमित प्रक्रिया के रूप में अपनाया जाए और अधिकारी स्वयं अनुशासन के साथ क्षेत्रीय निरीक्षण करें।
बैठक में अतिरिक्त आयुक्तों सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


