श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई में बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन मुख्यालय के बाहर पार्किंग की समस्या अब विवाद का रूप लेती जा रही है। मुख्यालय में बजट सत्र के दौरान बड़ी संख्या में पार्षदों की मौजूदगी के बीच उनकी गाड़ियों पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा चालान काटे जाने से भारी नाराज़गी फैल गई है।


जानकारी के अनुसार, मुख्यालय के पास पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था न होने के कारण पार्षद अपनी गाड़ियां सड़क किनारे या आसपास खड़ी करते हैं। इसी दौरान ट्रैफिक पुलिस ने इन वाहनों की तस्वीरें लेकर उनके नाम पर चालान जारी किए। शुक्रवार को करीब 12 से 15 पार्षदों की गाड़ियों पर जुर्माना लगाया गया, जिससे माहौल गरमा गया।
इतना ही नहीं, सहायक आयुक्तों की गाड़ियों पर भी कार्रवाई की गई, जबकि उन पर “डिजास्टर मैनेजमेंट” जैसे आधिकारिक स्टिकर लगे हुए थे। इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं कि जो संस्था जनता को पार्किंग सुविधा देती है, वही अपने प्रतिनिधियों के लिए व्यवस्था नहीं कर पा रही।
इस मुद्दे पर सभागृह नेता Ganesh Khankar ने सदन में कड़ी नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि महीने में केवल कुछ ही बैठकें होती हैं, लेकिन इन दिनों लगातार बैठकें चल रही हैं, जिससे सभी पार्षद उपस्थित रहते हैं। ऐसे में उनके वाहनों पर कार्रवाई करना निंदनीय है।
उन्होंने महापौर से मांग की कि इस मामले में सह पुलिस आयुक्त कुंभार से बात कर यह सुनिश्चित किया जाए कि मुख्यालय परिसर में पार्षदों के स्टिकर लगे वाहनों पर इस तरह की कार्रवाई न हो।
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि यदि ट्रैफिक पुलिस इतनी सख्ती दिखा रही है, तो Linking Road जैसे इलाकों में फुटपाथ पर खड़ी निजी गाड़ियों के खिलाफ भी समान कार्रवाई की जानी चाहिए।
फिलहाल, इस पूरे मामले ने मुंबई महापालिका में पार्किंग व्यवस्था और ट्रैफिक नियमों के पालन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।


