श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई के घाटकोपर पूर्व स्थित एक एसआरए (स्लम पुनर्विकास) प्रोजेक्ट में बिना अनिवार्य ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट (OC) लिए फ्लैटों में लोगों को रहने देने के आरोप में पुलिस ने बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज किया है।


पंत नगर पुलिस ने डेवलपर एम/एस नीलम फाइनेंस (बॉम्बे) प्राइवेट लिमिटेड और उसके निदेशक चंपकलाल के. वर्धन के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोप है कि उन्होंने नियमों का उल्लंघन करते हुए लोगों को फ्लैट का कब्जा दे दिया, जिससे निवासियों की जान को खतरा पैदा हो सकता है।


यह मामला स्लम पुनर्वास प्राधिकरण (SRA) के डिप्टी इंजीनियर अमित श्याम खोबरागड़े (46) की शिकायत पर दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई महाराष्ट्र रीजनल एंड टाउन प्लानिंग (MRTP) एक्ट की धारा 53(7) के तहत की गई है।
एफआईआर के मुताबिक, कमराज नगर स्थित ओम साई गणेश एसआरए को-ऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी की सेल बिल्डिंग नंबर 4 की 18वीं से 25वीं मंजिल तक के फ्लैट्स में बिना ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट के लोगों को रहने दिया जा रहा था।
इस मामले में 25 सितंबर 2025 को डेवलपर को MRTP एक्ट की धारा 53(1) के तहत नोटिस जारी कर निर्देश दिया गया था कि या तो संबंधित मंजिलों के लिए OC प्राप्त करें या फिर फ्लैट खाली कराएं। लेकिन डेवलपर ने इस निर्देश का पालन नहीं किया।
इसके बाद 20 जनवरी 2026 को धारा 53(6)(B) के तहत दूसरा नोटिस जारी किया गया, जिसमें फिर से OC लेने या परिसर खाली कराने को कहा गया। बावजूद इसके, डेवलपर ने न तो ऑक्यूपेंसी सर्टिफिकेट लिया और न ही फ्लैट खाली कराए।
जांच के दौरान SRA के सहायक अभियंता ए.ए. सालुंखे और कार्यकारी अभियंता पी.बी. पवार ने भी पाया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी किए बिना ही फ्लैट्स का कब्जा निवासियों को दे दिया गया था।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।


