मुंबई महानगरपालिका बजट पर तेजिंदर सिंह तिवाना का दमदार पहला भाषण: विकास का विजन, व्यवस्था पर सवाल।

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श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई महानगरपालिका के बजट पर अपने पहले ही भाषण में नगरसेवक Tejinder Singh Tiwana ने अध्ययनपूर्ण, संयमित और बेहद प्रभावशाली प्रस्तुति देते हुए शहर के सर्वांगीण विकास का एक दूरदर्शी खाका पेश किया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह बजट सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि मुंबई के भविष्य की दिशा तय करने वाला रोडमैप है, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रभावी क्रियान्वयन सबसे महत्वपूर्ण हैं।


भाषण की शुरुआत “जय कोकण” के जोशीले नारे के साथ मालवणी भाषा में कर तिवाना ने सभागार का ध्यान आकर्षित किया और एक आत्मीय माहौल बनाया।
तिवाना ने केवल खर्च पर नहीं, बल्कि राजस्व बढ़ाने के उपायों पर भी जोर दिया। उन्होंने संपत्ति कर प्रणाली में सुधार, अवैध और व्यावसायिक उपयोग वाली संपत्तियों की पहचान तथा टैक्स बेस बढ़ाने की जरूरत बताई। साथ ही Outcome-based budgeting, Performance Audit और KPI आधारित कार्यप्रणाली लागू कर वित्तीय अनुशासन और परिणामकारकता बढ़ाने का प्रस्ताव रखा।


तकनीक के उपयोग को अहम बताते हुए उन्होंने Unified Citizen App, GIS आधारित सर्वेक्षण और ड्रोन मैपिंग जैसे उपाय सुझाए, जिससे नागरिक सेवाएं अधिक तेज, पारदर्शी और जवाबदेह बन सकें।


शहर की जमीनी समस्याओं—जैसे जलभराव, नाला सफाई, कचरा प्रबंधन, ई-वेस्ट, ट्रैफिक जाम और सड़कों की गुणवत्ता—पर उन्होंने ठोस और दीर्घकालिक समाधान पेश किए। Waste-to-Energy, Bio-methanation और Decentralised Composting जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए टिकाऊ विकास का रास्ता दिखाया।


इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में उन्होंने कोस्टल रोड और गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड (GMLR) जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को तेजी देने की जरूरत बताई। साथ ही Utility Duct System, स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट और सख्त पार्किंग पॉलिसी लागू करने पर जोर दिया।


स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में उपनगरों में अत्याधुनिक अस्पताल, ट्रॉमा सेंटर, डिजिटल एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट को बढ़ावा देने की बात कही, ताकि नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार हो सके।


पर्यावरण संरक्षण को भी उन्होंने प्राथमिकता दी और नदी पुनर्जीवन, जल प्रबंधन, खुले मैदान और पार्क बढ़ाने जैसे उपाय सुझाए। युवाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए “Gen Next Civic Fellowship Program” और “Mayor’s Gen-Next Media Fellows” जैसे नए प्रस्ताव भी सामने रखे।
इसके अलावा, सड़कों के नामों के साथ QR कोड जोड़कर महान व्यक्तित्वों की जानकारी जनता तक पहुंचाने का अभिनव सुझाव भी दिया।
विपक्ष पर निशाना साधते हुए तिवाना ने कहा कि मुंबई के युवाओं ने पिछले 25 वर्षों के भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए महायुति को चुना है। उन्होंने प्रशासनिक कमियों की ओर इशारा करते हुए अधिकारियों को जवाबदेही के प्रति सचेत किया।


उन्होंने जोर देकर कहा, “विकास केवल घोषणाओं में नहीं, बल्कि जमीन पर दिखना चाहिए। नियोजन, क्रियान्वयन और जवाबदेही—इन तीन स्तंभों पर काम करके ही मुंबई को विश्वस्तरीय शहर बनाया जा सकता है।”
अपने भाषण में शेरो-शायरी के जरिए उन्होंने विपक्ष पर हल्के-फुल्के अंदाज में कटाक्ष भी किया। उनका यह पहला बजट भाषण संतुलित, दूरदर्शी और व्यावहारिक दृष्टिकोण के कारण सभागार में काफी सराहा गया और इसे मुंबई के विकास के लिए एक प्रभावी रोडमैप माना जा रहा है।

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