श्रीश उपाध्याय / मुंबई संवाददाता

उद्धव बालासाहेब ठाकरे शिवसेना (यूबीटी) का सुबह वाला भोंपू जल्द बंद होने की अटकलें तेज हो गई हैं। यह चर्चा शिवसेना के “ऑपरेशन टाइगर-2” के तहत चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच सामने आ रही है।शिवसेना द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन टाइगर-2 पहले ही शुरू हो चुका है। शिवसेना विधायक सचिन अहीर यूबीटी छोड़कर शिवसेना में शामिल हो चुके हैं।


27 जून को “ऑपरेशन टाइगर 2.0” शीर्षक के तहत ‘मुंबई वार्ता’ ने प्रकाशित किया था कि शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के 20 में से 14 विधायक जल्द ही शिंदे गुट में शामिल हो सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो दलबदल कानून के तहत आवश्यक दो-तिहाई संख्या पूरी हो जाएगी और यह उद्धव ठाकरे गुट के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।


इसी ऑपरेशन के तहत अब यूबीटी से शिवसेना में शामिल होने वाले 14 विधायकों को लेकर चर्चा है कि ऑपरेशन टाइगर-2 का नेतृत्व यूबीटी के सुबह वाले भोंपू के घर से किया जा रहा है।
बताया जाता है कि भांडुप से लगातार बजने वाला यूबीटी का यह भोंपू लंबे समय से अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर चिंतित है। इसके अलावा, महाविकास आघाड़ी सरकार के दौरान अपने भाई को मंत्री नहीं बना पाने की कसक भी उसके मन में है। इस भोंपू का कार्यकाल भी 8 जुलाई 2028 को समाप्त हो रहा है। भोंपू के मालिक के साथ-साथ उसके आका का राजनीतिक गणित भी बिगड़ चुका है। ऐसे में भोंपू को दोबारा संसद पहुंचने की कोई संभावना नजर नहीं आ रही है।


शिवसेना सूत्रों के अनुसार जल्द ही इसी भोंपू की आवाज पर यूबीटी के 14 विधायक उद्धव ठाकरे को जय महाराष्ट्र बोलकर शिवसेना का धनुष-बाण थामने वाले है। इससे न सिर्फ उसके भाई को मंत्री पद की प्राप्ति होगी अपितु भोंपू का भी अंधकारमय भविष्य उज्जवल होगा। अब ऐसे हालात में यूबीटी का भोंपू बंद होगा या पाला बदलकर चिल्लाएगा , यह तो आने वाला वक़्त ही बताएगा ।


