श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के जनसंपर्क विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए नियमित सफाई के साथ-साथ निर्माण एवं ध्वस्तीकरण (सी एंड डी) मलबे का व्यवस्थित संकलन और प्रबंधन अनिवार्य किया गया है। इसके लिए प्रत्येक प्रशासनिक विभाग स्तर पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।


अतिरिक्त महानगरपालिका आयुक्त (शहर) डॉ. (श्रीमती) अश्विनी जोशी ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण-2026 और ‘मुंबई क्लीन लीग’ के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्च गुणवत्ता के साथ काम किया जाए और शहर में स्वच्छता स्पष्ट रूप से दिखाई देनी चाहिए।
पूर्व और पश्चिम उपनगरों में स्वच्छता कार्यों की समीक्षा के लिए आज ‘एम पश्चिम’ और ‘एच पश्चिम’ वार्ड कार्यालयों में बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और सहायक आयुक्त उपस्थित थे।


बैठक के दौरान स्वच्छता की वर्तमान स्थिति, निर्माण मलबा प्रबंधन, कचरा संग्रहण, विशेष श्रेणी के कचरे का निपटान, यांत्रिक सफाई व्यवस्था, उपलब्ध वाहन और मानव संसाधन आदि विषयों पर विस्तार से प्रस्तुति दी गई।
डॉ. अश्विनी जोशी ने निर्देश दिया कि:
प्रत्येक विभाग निर्माण मलबा प्रबंधन की विस्तृत योजना तैयार करे
अवैध रूप से मलबा फेंके जाने वाले स्थानों की पहचान कर डेटा संकलित किया जाए
मलबे की मात्रा और वर्तमान स्थिति का पूरा विवरण रखा जाए
उन्होंने यह भी कहा कि,”सुबह के सत्र में सफाई के लिए घनकचरा प्रबंधन विभाग के कर्मचारियों का पूर्ण उपयोग किया जाए।बाद के सत्र में सड़क सफाई योजनाओं या ‘पिंक आर्मी’ का उपयोग किया जाए और सफाई कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए। सभी कार्यकारी अभियंता नियमित रूप से क्षेत्रीय निरीक्षण करें, यांत्रिक सफाई को अधिक प्रभावी बनाया जाए
लंबे समय से अनुपस्थित सफाई कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि शहर की स्वच्छता को बनाए रखने के लिए यह अभियान और अधिक सख्ती और जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।


