मुंबई वार्ता संवाददाता

महिलाओं को प्रतिस्पर्धी उद्यमी बनाने के उद्देश्य से ‘महालक्ष्मी सरस’ पहल के जरिए ‘लोकल टू ग्लोबल’ की संकल्पना को साकार किया जा रहा है। इस वर्ष ‘कंटेनर’ थीम के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि महिला उद्यमिता अब निर्यात, नवाचार और वैश्विक अवसरों की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है।
इस अवसर पर श्री सागर ने कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म, ब्रांडिंग और ई-कॉमर्स के माध्यम से महिलाओं को नई पहचान दिलाने और उनके उत्पादों को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


उन्होंने बताया कि ‘महालक्ष्मी सरस’ अब केवल एक वार्षिक आयोजन नहीं रह गया है, बल्कि यह दीर्घकालीन आर्थिक परिवर्तन का एक प्रभावी मॉडल बनता जा रहा है। यह पहल ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक समावेशन, डिजिटल सशक्तिकरण और ब्रांडिंग जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं से जोड़ रही है।


कार्यक्रम में यह भी कहा गया कि आज की महिला उद्यमी केवल उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि अपने क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को भी वैश्विक स्तर पर स्थापित कर रही है। भविष्य में ई-कॉमर्स, निर्यात नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से इस पहल का और विस्तार होगा।
निलेश सागर और निखिल ओसवाल ने विश्वास जताया कि इस पहल से न केवल महिलाओं की आय में वृद्धि होगी, बल्कि महाराष्ट्र की समग्र अर्थव्यवस्था को भी नई गति मिलेगी।


