मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के प्रवक्ता विकास लवांडे पर स्याही फेंकने, धक्का-मुक्की और गाली-गलौज की घटना को महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने कायरतापूर्ण हमला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह हमला केवल विकास लवांडे पर नहीं, बल्कि वारकरी संप्रदाय की समता और सामाजिक न्याय की विचारधारा पर हमला है।


गांधी भवन में मीडिया से बातचीत करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि विकास लवांडे वारकरी संप्रदाय के समता, बंधुत्व और सामाजिक न्याय के विचारों को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के पीछे भाजपा की उकसावे की राजनीति है और ऐसे तत्वों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। सपकाल ने मांग की कि हमलावरों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।


उन्होंने कहा कि वारकरी संप्रदाय में मनुवादी विचारधारा के बढ़ते प्रभाव को लेकर विकास लवांडे ने चिंता जताई थी और उन पर हुआ हमला उसी बात को साबित करता है। सपकाल ने कहा कि इतिहास में छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू महाराज, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर, संत तुकाराम महाराज, संत ज्ञानेश्वर और सावित्रीबाई फुले जैसे महापुरुषों को भी इसी विचारधारा के कारण प्रताड़ना झेलनी पड़ी।
सपकाल ने भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर निशाना साधते हुए कहा कि यही विचारधारा सामाजिक विभाजन को बढ़ावा देती है। उन्होंने दाभोलकर, पानसरे और कलबुर्गी जैसे विचारकों का उल्लेख करते हुए कहा कि असहमति की आवाज दबाने की कोशिश लगातार की जा रही है।
नाशिक के टीसीएस प्रकरण में निदा खान की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया देते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि इस मामले की एफआईआर अब तक सार्वजनिक नहीं की गई है और उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कानून अपना काम करे, लेकिन इस मामले के जरिए धार्मिक ध्रुवीकरण करने का प्रयास भारतीय जनता पार्टी कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने दिनों तक पुलिस क्या कर रही थी और क्या इस मामले को हवा देने में सरकार की कोई भूमिका है।
इस दौरान विधान परिषद चुनाव में निर्विरोध निर्वाचित हुए शिवसेना नेता अंबादास दानवे और विधायक मिलिंद नार्वेकर ने गांधी भवन में हर्षवर्धन सपकाल से शिष्टाचार मुलाकात की। दोनों नेताओं ने कांग्रेस पार्टी द्वारा दिए गए समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया। बैठक में महाविकास आघाड़ी की आगामी राजनीतिक रणनीति और भाजपा-महायुति सरकार के खिलाफ संयुक्त संघर्ष को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।
इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के महासचिव अभिजीत सपकाल भी मौजूद रहे।


