श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 के नतीजों को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। पूर्व बीएमसी कॉरपोरेटरों, एक मौजूदा शिवसेना सांसद की बेटी और महज सात वोटों से चुनाव हारने वाली बीजेपी उम्मीदवार समेत कुल 79 कॉरपोरेटरों के चुनाव परिणामों को अदालत में चुनौती दी गई है।


जनवरी 2026 में हुए बीएमसी चुनावों के बाद इन मामलों को लेकर विभिन्न अदालतों में चुनाव याचिकाएं दाखिल की गई हैं। यह जानकारी बीएमसी के विधि विभाग ने आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली को सूचना के अधिकार (RTI) के तहत उपलब्ध कराई।


गलगली ने 12 मई को बीएमसी से आवेदन कर चुनाव याचिकाओं से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी थी। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अब तक 79 निर्वाचित कॉरपोरेटरों के खिलाफ अदालत में याचिकाएं दायर की जा चुकी हैं। इनमें से एक याचिका निचली अदालत द्वारा खारिज भी की जा चुकी है, जबकि बाकी मामलों की सुनवाई जारी है।
चुनाव परिणामों को चुनौती देने वालों में कांग्रेस की उम्मीदवार शीतल म्हात्रे, शिवसेना की राजुल पटेल, संजय नाना आंबोले और राजू पेडणेकर शामिल हैं। इसके अलावा मुंबई उत्तर-पश्चिम से सांसद Ravindra Waikar की बेटी दीप्ती वाईकर पोटनिस ने भी अदालत का रुख किया है। उन्होंने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के टिकट पर चुनाव लड़ा था।
पूर्व विधायक सदा सरवणकर की बेटी प्रिया सरवणकर गुरव ने भी चुनाव परिणाम को चुनौती दी है। उन्होंने शिंदे गुट की शिवसेना उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था, लेकिन शिवसेना की विशाखा राउत से हार गई थीं।
बीजेपी उम्मीदवार ज्योति अनिल उपाध्याय का मामला भी चर्चा में है। वार्ड 90 से चुनाव लड़ने वाली उपाध्याय कांग्रेस उम्मीदवार तुलीप मिरांडा से सिर्फ सात वोटों से हार गई थीं। तुलीप मिरांडा वर्तमान में बीएमसी की स्थायी समिति की सदस्य हैं। उनके पति ब्रायन मिरांडा ने 2012 में इसी सीट से जीत हासिल की थी। बाद में 2017 में सीट महिला आरक्षित होने पर तुलीप मिरांडा पहली बार निर्वाचित हुई थीं।
बीएमसी के अनुसार, वार्ड 119 ‘एस’ से मोहम्मद अनवर अब्दुल्ला शेख द्वारा शिवसेना कॉरपोरेटर राजेश सोनावाले और अन्य उम्मीदवारों के खिलाफ दायर याचिका अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है।


