■ बिजली और बुनियादी ढांचा सुधारों को लेकर संयुक्त बैठक संपन्न: उपभोक्ताओं को मिलेगा आर्थिक लाभ:- विधायक संजय उपाध्याय
मुंबई वार्ता संवाददाता

बोरीवली में स्थानीय भाजपा विधायक संजय उपाध्याय और बिजली प्रदाताओं के बीच एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में महानगरपालिका, टाटा पावर और अडानी इलेक्ट्रिसिटी के उच्च अधिकारी मुख्य रूप से शामिल हुए। इस प्रकार की यह पहली और ऐतिहासिक बैठक रही, जिसमें जनता की बुनियादी समस्याओं के निवारण और भविष्य की योजनाओं पर गहराई से चर्चा की गई।
इस बैठक के बाद संजय उपाध्याय ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस की कोशिशों के कारण आने वाले दिनों में मुंबईवासियों को सुबह 9 से शाम 5 बजे के बीच उपयोग की गई बिजली मीटर के प्रति यूनिट पर 55 पैसे चार्ज कम किया जाएगा।


■ बैठक के मुख्य बिंदु और निर्णय:
अंधेरे क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था: बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि शहर के जिन उद्यानों (गार्डन्स) और सार्वजनिक स्थानों पर अंधेरा रहता है, वहाँ तत्काल प्रभाव से नई स्ट्रीट लाइट्स लगाई जाएँगी ताकि नागरिकों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
■ स्मार्ट मीटर और बिजली दरों में छूट:
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्मार्ट मीटर को लेकर आ रही शिकायतों का निवारण किया जा रहा है। इसके साथ ही, स्मार्ट मीटर के क्रियान्वयन के बाद उपभोक्ताओं को प्रति यूनिट बिजली पर सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा। इस वर्ष 55 पैसे प्रति यूनिट की छूट दी जाएगी, जिसे अगले वर्ष और बढ़ाया जाएगा। यह लाभ सीधे ग्राहकों के खातों/बिलों में ट्रांसफर होगा।


■ अवैध मीटर और हाई-टेंशन लाइनों के नीचे अतिक्रमण:
शहर में कई जगहों पर अवैध रूप से मीटर बांटे जाने और टाटा-अ अडानी की हाई-टेंशन बिजली लाइनों के ठीक नीचे लोगों द्वारा किए गए अवैध कब्जों (अतिक्रमण) पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई। सुरक्षा के मद्देनजर इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति के नियमों को कड़ा करने के निर्देश दिए गए हैं।
■ एजेंसियों में समन्वय और सड़कों की खुदाई पर रोक:
अक्सर विभिन्न विभागों (महानगरपालिका और उपयोगिता प्रदाताओं) में तालमेल न होने के कारण नई बनी सड़कों को दोबारा खोद दिया जाता है, जिससे सड़कों की गुणवत्ता खराब होती है। बैठक में तय हुआ कि सड़क का काम शुरू होने से पहले ही सभी उपयोगिता कंपनियाँ अपना इंस्टॉलेशन पूरा कर लें, ताकि भविष्य में बार-बार खुदाई की स्थिति से बचा जा सके।
■ ‘मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना’ का असर:
बैठक में महाराष्ट्र के उप-मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा विधानसभा (हाउस) में की गई घोषणा का भी उल्लेख किया गया। सरकार की सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा (विंड एनर्जी) को बढ़ावा देने की नीतियों के कारण बिजली उत्पादन की लागत में भारी कमी आई है।
■ किसानों को लाभ:
योजना के अंतर्गत किसानों को सोलर पंप दिए जा रहे हैं, जिससे उनके घरों और खेतों तक किफायती बिजली पहुँच रही है। इसी उत्पादन लागत में हुई कटौती का सीधा लाभ अब शहरी उपभोक्ताओं को भी स्मार्ट मीटर के माध्यम से मिलने जा रहा है।इस संयुक्त पहल से आने वाले दिनों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में सुधार होने और आम जनता को आर्थिक राहत मिलने की पूरी उम्मीद है।


