मुंबई वार्ता संवाददाता

पश्चिम रेलवे के मीरा रोड से वैतरणा स्टेशन के बीच रेल दुर्घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पिछले मात्र पांच महीनों में इस 31 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर 80 लोगों की मौत हो चुकी है। आंकड़ों के अनुसार औसतन हर दो दिन में एक व्यक्ति अपनी जान गंवा रहा है।


चिंताजनक बात यह है कि इनमें से कई मामले आत्महत्या के बताए जा रहे हैं।
रेलवे पुलिस के अनुसार मीरा रोड से वैतरणा तक का क्षेत्र वसई रेलवे पुलिस थाने के अंतर्गत आता है, जिसमें सात रेलवे स्टेशन शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में विरार, नालासोपारा, वसई और नायगांव से मुंबई आने-जाने वाले यात्रियों की संख्या में भारी वृद्धि हुई है। भीड़भाड़ के कारण कई यात्री लोकल ट्रेनों के दरवाजों पर लटककर यात्रा करते हैं, जिससे गिरकर हादसे का शिकार हो जाते हैं। वहीं कुछ लोग समय बचाने के लिए रेलवे ट्रैक पार करते समय तेज रफ्तार लोकल या एक्सप्रेस ट्रेन की चपेट में आ जाते हैं।
हालांकि रेलवे पुलिस का कहना है कि हाल के दिनों में आत्महत्या के मामलों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जांच में सामने आया है कि पारिवारिक विवाद, मानसिक तनाव और आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे कई लोग इस अपेक्षाकृत सुनसान रेलखंड का इस्तेमाल आत्महत्या के लिए कर रहे हैं। इससे रेलवे प्रशासन और पुलिस की चिंता बढ़ गई है।
पुलिस ने बताया कि विरार से वैतरणा के बीच कई स्थानों पर रेलवे ट्रैक के किनारे सुरक्षा जालियां (फेंसिंग) नहीं हैं। इसके कारण यात्री और आसपास के क्षेत्रों के निवासी सीधे ट्रैक पार करते हैं या रेलवे लाइन के सहारे चलते हैं। कई लोग मोबाइल फोन में व्यस्त रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाती है। रेलवे पुलिस ने इस क्षेत्र में सुरक्षा जालियां लगाने की मांग को लेकर रेलवे प्रशासन से पत्राचार भी किया है।
रेल दुर्घटनाओं में मृतकों की पहचान करना भी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। कई मामलों में शव बुरी तरह क्षत-विक्षत हो जाते हैं, जिससे पहचान स्थापित करने में काफी समय और मेहनत लगती है। पुलिस के अनुसार, इस वर्ष हुई 80 मौतों में से 24 शवों की पहचान नहीं हो सकी थी। इनमें से 19 शवों का अंतिम निपटान कर दिया गया है, जबकि 5 शव अब भी बेवारिस हालत में हैं और उनकी पहचान का प्रयास जारी है।
रेलवे पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रैक पार करने से बचें, फुटओवर ब्रिज का उपयोग करें और चलती ट्रेन में चढ़ने या दरवाजे पर लटककर यात्रा करने जैसी जोखिमभरी हरकतों से दूर रहें।


