मुंबई वार्ता संवाददाता

नवी मुंबई पुलिस ने करीब दो महीने पहले मिले एक जले हुए महिला के शव के मामले का खुलासा करते हुए 32 वर्षीय ईंट सप्लायर करण नामदेव पाटिल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने शादी के लिए लगातार दबाव बना रही महिला की हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए शव को पेट्रोल डालकर जला दिया।


11 अप्रैल को पनवेल तालुका के चिंचवली-वाकड़ी गांव की सीमा के पास एक अज्ञात महिला का सड़ा-गला और जला हुआ शव बरामद हुआ था। घटनास्थल से कोई पहचान पत्र नहीं मिलने के कारण पुलिस के सामने मृतका की पहचान करना बड़ी चुनौती थी।
जांच के दौरान पुलिस ने शव से मिले आभूषणों की जानकारी सीआईडी नेटवर्क के जरिए प्रसारित की और विभिन्न स्थानों के सीसीटीवी फुटेज तथा तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। इसी बीच ठाणे जिले के शिल-डायघर पुलिस थाने में दर्ज एक गुमशुदगी रिपोर्ट से अहम सुराग मिला।
शव के पास मिले अंगूठियों, नथ और झुमकों का विवरण गुमशुदा महिला के परिजनों द्वारा दी गई जानकारी से मेल खा गया। इसके बाद मृतका की पहचान 30 वर्षीय अनीतादेवी भगवान राजभर के रूप में हुई।
जांच में सामने आया कि अनीतादेवी की करण पाटिल से लगातार बातचीत होती थी। कॉल डिटेल रिकॉर्ड से दोनों के बीच नियमित संपर्क की पुष्टि हुई। शुरुआती पूछताछ के लिए बुलाने पर आरोपी के सहयोग न करने से पुलिस का शक गहरा गया। हिरासत में लेकर पूछताछ करने पर उसने कथित तौर पर अपराध स्वीकार कर लिया।
पुलिस के मुताबिक, अनीतादेवी आरोपी पर शादी करने का दबाव बना रही थीं। इससे छुटकारा पाने के लिए करण पाटिल ने 6 अप्रैल को उन्हें कार में बैठाकर एक सुनसान जगह पर ले गया और लोहे की रॉड से हमला कर उनकी हत्या कर दी।
इसके बाद वह शव को पनवेल के चिंचवली इलाके में ले गया और अपनी कार से निकाले गए पेट्रोल से शव को आग लगाकर पहचान मिटाने की कोशिश की।
आरोपी को 8 जून को गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे 12 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। उसके खिलाफ हत्या और सबूत नष्ट करने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।


