मुंबई वार्ता संवाददाता

मुंबई के दिंडोशी पुलिस स्टेशन की टीम ने गुजरात के एक कथित ठग गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि ये लोग खुद को बड़े और भरोसेमंद खरीदार बताकर थोक व्यापारियों से लाखों रुपये का माल लेते थे, फर्जी चेक देकर भुगतान का भरोसा दिलाते थे और फिर फरार हो जाते थे।
मामले का खुलासा मस्जिद बंदर क्षेत्र के एक व्यापारी की शिकायत के बाद हुआ।


शिकायतकर्ता के अनुसार, आरोपियों ने उससे 3.24 लाख रुपये का माल खरीदा और भुगतान के लिए चेक दिया, लेकिन वह बाउंस हो गया। जब व्यापारी ने पैसे की मांग की तो आरोपियों ने उसे धमकियां भी दीं।
■ ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पुलिस के मुताबिक, गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम करता था। आरोपी अलग-अलग इलाकों में व्यावसायिक जगह किराये पर लेकर विभिन्न कंपनियों के नाम से अस्थायी कार्यालय खोलते थे और कर्मचारियों की भी नियुक्ति करते थे। इसके बाद वे थोक बाजारों से बड़े ऑर्डर देते थे।
शुरुआत में वे व्यापारियों को भरोसा दिलाते थे कि माल की डिलीवरी के समय नकद या ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा, लेकिन माल मिलने के बाद चेक थमा देते थे। जब तक व्यापारी को चेक बाउंस होने की जानकारी मिलती, तब तक आरोपी कार्यालय खाली कर माल के साथ फरार हो चुके होते थे।
■ मीरा रोड में बनाया था ठिकाना
पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह का कथित सरगना मेहुल जगानी मीरा रोड में किराये के फ्लैट में रह रहा था, जबकि गिरोह के सदस्य मुंबई के विभिन्न होटलों में ठहरते थे।
■ दो मीरा रोड और दो मालवणी से गिरफ्तार
डीसीपी गजानन राजमाने (जोन-12) के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक महेंद्र शिंदे और एपीआई ओम टोटावर की टीम ने जांच के दौरान दो आरोपियों को मीरा रोड के एक होटल से और दो अन्य को मालवणी इलाके से गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मेहुल जगानी (43), गोपाल रायचुरा (30), निरव लखानी (38) और एहसान खान के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मेहुल जगानी इस गिरोह का मास्टरमाइंड है और उसके खिलाफ मुंबई तथा गुजरात में पहले से भी इसी तरह के कई धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें 5 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब ठगी के जरिए हासिल किए गए माल की बरामदगी के लिए आगे की जांच कर रही है।


