श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बिल्डर से 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने वाले कुख्यात गैंग के सरगना जुल्फिकार बेहलीम, उसके भाई मोहसिन बेहलीम सहित कुल 12 सक्रिय शार्प शूटरों को गिरफ्तार किया है।


पुलिस के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से मुंबई के एक निर्माण व्यवसायी से जुल्फिकार बेहलीम और उसके भाई मोहसिन बेहलीम ने अपने गुर्गों के माध्यम से एक ठेका कार्य शुरू कराने के लिए 25 लाख रुपये की रंगदारी मांगी थी। आरोपियों ने रकम नहीं देने पर हथियार दिखाकर व्यवसायी को जान से मारने की धमकी भी दी थी।
मामले की जानकारी मिलने के बाद अपराध शाखा की यूनिट-9 ने जांच शुरू की और 27 जुलाई 2026 को बांद्रा इलाके में जाल बिछाया। पुलिस ने रंगदारी की रकम लेने पहुंचे जुल्फिकार बेहलीम, मोहसिन बेहलीम और उनके 10 अन्य साथियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई के साथ अब तक इस गिरोह के कुल 12 सक्रिय अपराधियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
आरोपियों के खिलाफ बांद्रा पुलिस स्टेशन में अपराध क्रमांक 92/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के साथ शस्त्र अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अपराध शाखा यूनिट-9 को सौंप दी गई है।
सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 31 जुलाई 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार सभी आरोपी शातिर अपराधी हैं। गिरोह का सरगना जुल्फिकार बेहलीम पहले भी मकोका के तहत गिरफ्तार हो चुका है और फिलहाल जमानत पर बाहर था। उसके भाई मोहसिन बेहलीम सहित अन्य साथी भी सक्रिय रूप से अपराधों में शामिल रहे हैं।
प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि यह गिरोह मुंबई और आसपास के इलाकों के कई व्यापारियों और बिल्डरों को धमकाकर रंगदारी वसूलता था तथा इलाके में दहशत फैलाकर अपना नेटवर्क चला रहा था।
मुंबई पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि इस गिरोह ने किसी से भी रंगदारी मांगी हो या पहले किसी से जबरन वसूली की हो, तो वे तुरंत अपराध शाखा यूनिट-1 या मुंबई पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराएं।
यह कार्रवाई मुंबई पुलिस आयुक्त देवेन भारती, सह पुलिस आयुक्त (अपराध) अनिल कुंभारे, अतिरिक्त पुलिस आयुक्त कृष्णकांत उपाध्याय, पुलिस उपायुक्त (डिटेक्शन-1) नवनाथ ढवले तथा सहायक पुलिस आयुक्त विनायक चौहान के मार्गदर्शन में अपराध शाखा यूनिट-9 के प्रभारी पुलिस निरीक्षक सचिन पुराणिक की टीम ने अंजाम दी।


