उद्धव ठाकरे की बैठक में 9 में से सिर्फ 4 सांसद पहुंचे, ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं ने फिर पकड़ा जोर।

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मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) प्रमुख उद्धव ठाकरे द्वारा मातोश्री पर बुलाई गई पार्टी सांसदों की बैठक में नौ में से केवल चार सांसदों की प्रत्यक्ष मौजूदगी के बाद राज्य की राजनीति में कथित ‘ऑपरेशन टाइगर’ को लेकर अटकलें एक बार फिर तेज हो गई हैं। हालांकि पार्टी नेताओं ने इन चर्चाओं को सिरे से खारिज किया है।

दरअसल, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों द्वारा अलग समूह बनाए जाने की खबरों के बीच महाराष्ट्र में भी शिवसेना (शिंदे गुट) द्वारा ठाकरे गुट के सांसदों को अपने साथ लाने की कोशिशों की चर्चा पिछले कुछ दिनों से चल रही है। इसी पृष्ठभूमि में उद्धव ठाकरे ने राज्य के सभी नौ सांसदों की बैठक बुलाई थी।

बैठक में मुंबई के सांसद अनिल देसाई, अरविंद सावंत, संजय दिना पाटिल और नाशिक के सांसद राजाभाऊ वाजे प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे। राज्यसभा सांसद और पार्टी नेता संजय राउत भी बैठक में मौजूद थे। बाकी पांच सांसदों ने विभिन्न कारणों से ऑनलाइन माध्यम से बैठक में हिस्सा लिया, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी ने राजनीतिक गलियारों में ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं को और हवा दे दी।

राज्य में ठाकरे गुट के कुल नौ सांसद हैं और इनमें से सात सांसदों के टूटने की अटकलें लंबे समय से लगाई जा रही हैं। 19 जून को शिवसेना की स्थापना के 60 वर्ष पूरे हो रहे हैं, जबकि 22 जून को एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में हुए बगावत प्रकरण के चार वर्ष पूरे होंगे। ऐसे समय में सांसदों के संभावित दल-बदल की चर्चा ने राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

बताया जा रहा है कि केंद्र सरकार को भविष्य में महत्वपूर्ण विधेयकों के लिए संसद में अधिक समर्थन की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में सहयोगी दलों और विपक्षी सांसदों के समीकरणों को लेकर भी राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। इसी संदर्भ में शिंदे गुट द्वारा अपने सांसदों की संख्या बढ़ाने की रणनीति की चर्चा हो रही है।

बैठक में शामिल नहीं हो सके हिंगोली के सांसद नागेश पाटिल आष्टीकर स्थानीय निकायों के सदस्यों से संपर्क में व्यस्त थे, क्योंकि उनके पुत्र विधान परिषद चुनाव लड़ रहे हैं। परभणी के सांसद संजय जाधव फोन के माध्यम से जुड़े, जबकि यवतमाल-वाशिम के सांसद संजय देशमुख अपनी पुत्री के विवाह समारोह में व्यस्त होने के कारण ऑनलाइन शामिल हुए। शिर्डी के सांसद भाऊसाहेब वाकचौरे ने स्वास्थ्य कारणों का हवाला दिया, जबकि उस्मानाबाद-धाराशिव के सांसद ओमराजे निंबालकर अपने पुत्र की तबीयत खराब होने के कारण मुंबई नहीं पहुंच सके।

बैठक में पार्टी की एकजुटता, आगामी राजनीतिक रणनीति और सांसदों के साथ सीधे संवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। उद्धव ठाकरे ने सभी सांसदों से बातचीत करते हुए पार्टी की भूमिका स्पष्ट की।

बैठक के बाद संजय राउत ने कहा कि ‘ऑपरेशन टाइगर’ की चर्चाओं में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव के बाद से ही ऐसी अफवाहें फैलाई जा रही हैं और पार्टी प्रमुख द्वारा सांसदों की बैठक बुलाना एक नियमित प्रक्रिया का हिस्सा है। राउत ने विश्वास जताया कि अगली बैठक में सभी सांसद मौजूद रहेंगे।

संजय राउत ने कहा, “उद्धव ठाकरे के साथ रहने वाले हम सभी लोग वाघ (बाघ) हैं और कहीं जाने वाले नहीं हैं। लेकिन आने वाले दिनों में हम ‘ऑपरेशन लांडगा’ शुरू करेंगे।” उनके इस बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नई चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

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