मुंबई में जल्द शुरू होगी ‘देवाभाऊ’ और ‘छावा’ सहकारी टैक्सी सेवा, फडणवीस सरकार की पहल पर विवाद भी तेज।

Date:

मुंबई वार्ता संवाददाता

भाजपा विधान परिषद सदस्य और मुंबई जिला केंद्रीय सहकारी बैंक (मुंबई बैंक) के अध्यक्ष प्रवीण दरेकर ने घोषणा की है कि महाराष्ट्र सरकार जल्द ही मुंबई और एमएमआर क्षेत्र में ‘देवाभाऊ’ और ‘छावा’ सहकारी टैक्सी सेवा शुरू करने जा रही है। उनका दावा है कि इस योजना से ओला, उबर और रैपिडो जैसे निजी एग्रीगेटर्स द्वारा वसूले जाने वाले भारी कमीशन पर रोक लगेगी और इसका सीधा लाभ वाहन मालिकों तथा चालकों को मिलेगा।


सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में दरेकर ने कहा कि यह सेवा दिल्ली और कोलकाता जैसे शहरों में संचालित हो रही ‘भारत टैक्सी’ योजना की तर्ज पर शुरू की जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि निजी टैक्सी कंपनियां ड्राइवरों से अत्यधिक कमीशन वसूलती हैं, जबकि नई सहकारी व्यवस्था में लाभ सीधे ड्राइवरों और वाहन मालिकों तक पहुंचेगा।


दरेकर ने बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने हाल ही में हुई बैठक में इस परियोजना को मंजूरी दी है, जबकि परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने इसके लिए नीति ढांचे को अंतिम रूप दे दिया है। सभी नियम और प्रक्रियाएं तैयार कर ली गई हैं और जल्द ही “देवाभाऊ सहकार टैक्सी सेवा” का संचालन शुरू होगा।


उन्होंने कहा कि पहले चरण में 2,000 से 5,000 वाहनों को शामिल किया जाएगा और इसकी शुरुआत मुंबई महानगर क्षेत्र (एमएमआरडीए) से होगी। योजना का उद्देश्य मराठी युवाओं के लिए रोजगार सृजित करना, ड्राइवरों और यात्रियों के शोषण को रोकना तथा सुरक्षित, सस्ती और सुलभ टैक्सी सेवा उपलब्ध कराना है।


योजना के तहत टैक्सी खरीदने के लिए मुंबई बैंक की ओर से 10 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही अण्णासाहेब पाटिल आर्थिक विकास महामंडल, ओबीसी निगम, विमुक्त जाति एवं घुमंतू जनजाति निगम तथा महाराष्ट्र राज्य विकास निगम के माध्यम से 11 प्रतिशत ब्याज अनुदान की व्यवस्था भी प्रस्तावित है, जिससे लाभार्थियों पर ब्याज का बोझ कम होगा।


‘आपली टॅक्सी, आपली मालकी’ (हमारी टैक्सी, हमारा स्वामित्व) के नारे के साथ शुरू की जा रही इस योजना में वाहन का मालिकाना हक चालक के पास ही रहेगा। वैध ड्राइविंग लाइसेंस धारक और मौजूदा वाहन मालिक इस योजना में भाग ले सकेंगे। बड़े पैमाने पर पंजीकरण प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।


हालांकि, इस घोषणा के बाद विवाद भी शुरू हो गया है। सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या मुंबई बैंक के जमाकर्ताओं के पैसे से राजनीतिक नाम वाली टैक्सी योजना चलाई जाएगी। उन्होंने पूछा कि जब आम नागरिकों, किसानों और छोटे कारोबारियों को ऋण प्राप्त करने में कठिनाई होती है, तब इस तरह की योजना को इतनी आसानी से वित्तीय सहायता क्यों दी जा रही है।


दमानिया ने कहा कि किसी राजनीतिक पहचान वाले नाम के साथ कारोबार खड़ा करने के लिए जमाकर्ताओं की राशि का उपयोग पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने मांग की कि “देवाभाऊ टैक्सी” नाम तुरंत वापस लिया जाए और मुख्यमंत्री स्वयं इस पर पुनर्विचार करें। साथ ही उन्होंने ऋण पात्रता, ब्याज दर, मंजूरी प्रक्रिया और संभावित हितों के टकराव की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।


उधर, महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव धनंजय शिंदे ने भी इस मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुंबई बैंक जमाकर्ताओं, किसानों और मेहनतकश लोगों की संस्था है, किसी राजनीतिक दल या नेता की निजी संपत्ति नहीं।


शिंदे ने दावा किया कि सहकार विभाग की परीक्षण ऑडिट रिपोर्टों में पहले भी मुंबई बैंक की कुछ वित्तीय और प्रशासनिक प्रक्रियाओं पर टिप्पणियां दर्ज की गई थीं। ऐसे में राजनीतिक नाम वाली “देवाभाऊ टैक्सी” योजना के लिए जमाकर्ताओं की राशि के इस्तेमाल को लेकर उठे सवाल बेहद गंभीर हैं और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।


उन्होंने यह भी कहा कि प्रवीण दरेकर के बैंक चुनाव और उनकी पात्रता से जुड़े मुद्दे पहले भी कानूनी विवादों और अदालतों में उठ चुके हैं। इसलिए बैंक से संबंधित सभी निर्णयों, चुनावी प्रक्रियाओं और पात्रता मानकों में पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।


कांग्रेस ने मांग की है कि मुंबई बैंक इस टैक्सी योजना की पूरी वित्तीय रूपरेखा, ऋण स्वीकृति मानदंड, लाभार्थियों के चयन की प्रक्रिया और संभावित हितों के टकराव से संबंधित सभी विवरण सार्वजनिक करे। पार्टी का कहना है कि सहकारिता क्षेत्र जनता के विश्वास पर आधारित है और संदेह पैदा करने वाले किसी भी मामले की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

प्रमुख खबरे

More like this
Related

मांगें नहीं मानी गईं तो गुरुवार से बेमियादी आंदोलन पर जाएंगे BEST कर्मचारी, प्रशासन ने रद्द की छुट्टियां।

मुंबई वार्ता संवाददाता बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट...