मुंबई वार्ता संवाददाता

अल नीनो के कारण मानसून में देरी और मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाले बांधों में जल भंडार लगातार घटने के चलते बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने पानी की बचत के लिए अतिरिक्त प्रतिबंध लागू करने का फैसला किया है। इसके तहत 17 जून 2026 से नए निर्माण कार्यों और स्विमिंग पूलों के लिए जल आपूर्ति पर रोक लगाई जाएगी, जबकि औद्योगिक, व्यावसायिक तथा स्पोर्ट्स क्लबों को दिए जाने वाले पानी में 20 प्रतिशत की कटौती की जाएगी।


बीएमसी पहले ही 15 मई 2026 से पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र में 10 प्रतिशत जल कटौती लागू कर चुकी है। महानगरपालिका के अनुसार, 16 जून तक मुंबई को पानी उपलब्ध कराने वाले बांधों में केवल 10.35 प्रतिशत जल भंडार शेष रह गया है। ऐसे में उपलब्ध पानी को अधिक दिनों तक सुरक्षित रखने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।
महानगरपालिका द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार, सभी निर्माण कार्यों के लिए दिए गए जल कनेक्शन अस्थायी रूप से बंद किए जाएंगे और अगले आदेश तक नए जल कनेक्शन मंजूर नहीं किए जाएंगे। इसी प्रकार सभी स्विमिंग पूलों की जल आपूर्ति भी अस्थायी रूप से रोक दी जाएगी। अतिरिक्त या बढ़े हुए जल कनेक्शन की मांगों को भी पर्याप्त जल भंडार उपलब्ध होने तक लंबित रखा जाएगा।
इसके अलावा एरेटेड वाटर और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर बॉटलिंग प्लांटों को केवल कर्मचारियों की पेयजल आवश्यकता के अनुरूप सीमित मात्रा में पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
बीएमसी ने सार्वजनिक शौचालय संचालकों से टैंकर अथवा बोरवेल के पानी का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है। वाहन धोने, उद्यानों में सिंचाई और सड़कों की सफाई जैसे कार्यों के लिए भी बोरवेल या कुओं के पानी के उपयोग पर जोर दिया गया है।
मध्य रेलवे, पश्चिम रेलवे, आरसीएफ, एचपीसीएल, बीपीसीएल, नौसेना, एमआईडीसी और मुंबई पोर्ट ट्रस्ट जैसी संस्थाओं को परिचालन और अन्य गैर-पेयजल आवश्यकताओं के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के शोधित पानी के पुनः उपयोग की सलाह दी गई है।
बीएमसी प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कहीं भी पेयजल का दुरुपयोग या अपव्यय पाया गया तो संबंधित व्यक्तियों और संस्थाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। महानगरपालिका ने नागरिकों से पानी की बचत में सहयोग करने की अपील भी की है।


