मुंबई वार्ता/हरीशचंद्र पाठक

मुंबई महानगर पालिका जहां एक तरफ मानसून से पहले बड़े नालों की साफ सफाई किए जाने का दावा कर रही है वहीं मनपा का दावा सफेद हाथी साबित हो रहा है। जिसका तरोताजा उदाहरण चेंबूर के मनपा एम पश्चिम के वार्ड नंबर 151 में पड़ने वाली वत्सलाताई नाइकनगर और श्रमजीवीनगर झोपड़पट्टियों में देखने को मिल रहा है।


बताया जाता है कि यहां के प्रमुख नालों की सफाई अभी भी अधूरी है। इस कारण स्थानीय निवासियों ने आशंका जताई है कि मानसून के दौरान यहां की झुग्गी-झोपड़ियों में बरसाती पानी से जलजमाव होगा।बता दें कि चेंबूर मनपा एम पश्चिम विभाग के अंतर्गत आने वाली वत्सलाताई नाइकनगर और श्रमजीवीनगर दोनों ही घनी आबादी झोपड़पट्टियों हैं और यहाँ की नालियाँ कचरे, के ढेर प्लास्टिक और अन्य कचरे से भरी हुई हैं। अभी तक नालियों की पूरी तरह से सफाई नहीं की गई है। जिसके कारण बरसात का पानी बस्तियों में जमा होने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप, स्थानीय नागरिकों के घरों में पानी घुसने और संपत्ति को नुकसान पहुंचने की संभावना है।


इस समस्या को संज्ञान में लेते हुए गत दिनों मुंबई कांग्रेस एस .सी. सेल के प्रदेश अध्यक्ष सुभाष भलेराव ने दोनों नालों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नालों की सफाई के काम को लेकर कड़ी नाराजगी जताई और मनपा तथा स्थानीय जन प्रतिनिधियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मानसून करीब होने के बावजूद नालों की सफाई अभी तक नहीं हुई।
भालेराव ने कहा कि नालों की सफाई पर हर साल करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि नालों में गाद और कचरा अभी भी जमा पड़ा है। इससे झुग्गी-झोपड़ी वाले इलाकों के नागरिकों को मानसून के मौसम में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।ऐसे में काम में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों और ठेकेदारों की जांच की जानी चाहिए और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई किए जाने की मांग भालेराव ने की है।


