मुंबई वार्ता संवाददाता

देश में इस समय लोकतंत्र और संविधान खतरे में है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा देश को दिए गए संविधान को समाप्त करना चाहते हैं। पिछले 12 वर्षों से संविधान और लोकतंत्र को पैरों तले रौंदा जा रहा है और इसके खिलाफ हमें मजबूती से लड़ना होगा। देश में मनुवादी बनाम संविधानवादी की सीधी लड़ाई चल रही है और इस लड़ाई में अनुसूचित जाति समाज की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह लड़ाई हम सभी को मिलकर लड़नी होगी, ऐसा प्रतिपादन महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया।


कांग्रेस मुख्यालय तिलक भवन में आज प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की प्रमुख उपस्थिति में महाराष्ट्र कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के नवनियुक्त चेयरमैन अनिरुद्ध वनकर का पदग्रहण समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एड. गणेश पाटील, प्रदेश महासचिव संदेश कोंडविलकर, अनुसूचित जाति विभाग के पूर्व चेयरमैन सिद्धार्थ हत्तीअंबिरे सहित सैकड़ों पदाधिकारी उपस्थित थे।


इस अवसर पर हर्षवर्धन सपकाल ने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को 100 वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन आज तक इस संगठन का विधिवत पंजीकरण नहीं हुआ है। इसके आर्थिक लेन-देन की जानकारी भी सार्वजनिक नहीं है। जो संगठन समाज में विष फैलाने का काम करता है, उसी संगठन की प्रशंसा एक आईपीएस अधिकारी करता है और उसे एक अच्छा संगठन बताता है, यह अत्यंत गंभीर विषय है।
देश के सामने मौजूद खतरे को समझते हुए संघर्ष के लिए तैयार रहें, ऐसा आह्वान करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने अनिरुद्ध वनकर को आगामी कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर अनिरुद्ध वनकर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘400 पार’ का नारा दिया था, जिसका उद्देश्य संविधान को समाप्त करना था। भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश में मनुवाद लागू करना चाहते हैं। भाजपा और संघ के इस कुटिल षड्यंत्र को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने पहचान लिया और हाथ में संविधान लेकर पूरे देश में जनजागरण किया, जिसके कारण भाजपा की योजना विफल हो गई। लेकिन यह खतरा अभी समाप्त नहीं हुआ है। देश का संविधान आज भी खतरे में है, इसे समझकर कार्य करने की आवश्यकता है। एसआईआर के माध्यम से दलितों और अल्पसंख्यक समाज के लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं, इस ओर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, ऐसा आह्वान भी वनकर ने किया।
इस अवसर पर अनुसूचित जाति विभाग के पूर्व चेयरमैन सिद्धार्थ हत्तीअंबिरे ने भी उपस्थित कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों का मार्गदर्शन किया।


