मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने मैनहोल पर काम के दौरान नागरिकों और कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाने के उद्देश्य से विकसित किए गए ‘मैनहोल रेलगार्ड’ के प्रोटोटाइप का निरीक्षण किया। सोमवार को मुंबई की महापौर रितू तावडे और अतिरिक्त नगर आयुक्त (परियोजना) अभिजीत बांगर ने बीएमसी मुख्यालय में इस सुरक्षा उपकरण का जायजा लिया।


निरीक्षण के दौरान महापौर और अतिरिक्त आयुक्त ने रेलगार्ड को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कई सुझाव दिए। उन्होंने मैनहोल के आकार के अनुसार इसे फोल्डेबल (Collapsible) बनाने, रात के समय बेहतर दृश्यता के लिए रिफ्लेक्टर या फ्लैशिंग लाइट लगाने तथा अन्य तकनीकी सुधार करने की सलाह दी।


बीएमसी के अनुसार, चौकोर डिजाइन वाले इस रेलगार्ड की ऊंचाई 1 मीटर तथा लंबाई और चौड़ाई 1.5-1.5 मीटर है। इसे 225 किलोग्राम और 80 किलोग्राम के दो अलग-अलग वजन वाले मॉडल में तैयार किया गया है, ताकि विभिन्न परिस्थितियों में इसका उपयोग किया जा सके।
इस प्रोटोटाइप का पायलट प्रोजेक्ट मुंबई के एल (L) वार्ड में शुरू किया जाएगा। परीक्षण के दौरान प्राप्त अनुभव, तकनीकी आवश्यकताओं और कर्मचारियों व नागरिकों से मिलने वाले सुझावों के आधार पर इसमें आवश्यक बदलाव किए जाएंगे।
बीएमसी ने स्पष्ट किया है कि पायलट प्रोजेक्ट की समीक्षा के बाद ही यह निर्णय लिया जाएगा कि ‘मैनहोल रेलगार्ड’ को मुंबई के सभी प्रशासनिक वार्डों में लागू किया जाए या नहीं।


