मुंबई वार्ता संवाददाता

महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने राज्यभर के ब्लड बैंक और ब्लड स्टोरेज केंद्रों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए पिछले तीन महीनों में 38 संस्थानों पर कड़ी कार्रवाई की है। नियामकीय और सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के आरोप में 34 संस्थानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि चार के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए हैं।


एफडीए के अनुसार अप्रैल से जून के बीच राज्यभर में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट, 1940 तथा उससे संबंधित नियमों के तहत रक्त संग्रह, जांच, भंडारण, गुणवत्ता नियंत्रण और बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन से जुड़े मानकों की जांच की गई। वर्तमान में महाराष्ट्र में 413 लाइसेंस प्राप्त ब्लड बैंक और 468 लाइसेंस प्राप्त ब्लड स्टोरेज केंद्र संचालित हैं।
निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन, गुणवत्ता प्रबंधन प्रणाली में खामियां, रिकॉर्ड में गड़बड़ियां, निर्धारित मानकों का पालन न करना और अन्य गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। इसके आधार पर 21 ब्लड बैंकों और 13 ब्लड स्टोरेज केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए, जबकि दो ब्लड बैंक और दो ब्लड स्टोरेज केंद्रों के लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिए गए।
मुंबई में एफडीए ने गंभीर नियम उल्लंघन पाए जाने के बाद सर जे.जे. मेट्रोपॉलिटन ब्लड सेंटर का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया। इसके अलावा माया ब्लड सेंटर का लाइसेंस भी गंभीर अनियमितताएं मिलने और रक्त सुरक्षा से समझौता किए जाने के कारण निरस्त कर दिया गया।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि रक्त एक जीवनरक्षक संसाधन है, जिसे कृत्रिम रूप से तैयार नहीं किया जा सकता। इसलिए रक्त की गुणवत्ता और सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों का सख्ती से पालन किया जाना बेहद आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विभाग आगे भी नियमित और औचक निरीक्षण जारी रखेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि मरीजों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण रक्त उपलब्ध कराया जा सके।


