मुंबई वार्ता/श्रीश उपाध्याय

महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष एवं मुंबई उत्तर मध्य से सांसद वर्षा गायकवाड़ ने टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) पेपर लीक मामले को लेकर राज्य की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक होना सरकार की बड़ी विफलता है और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को इसका जवाब देना चाहिए, न कि इस मुद्दे पर राजनीति करनी चाहिए।


मंगलवार को जारी बयान में वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने टीईटी पेपर लीक को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। सरकार की जिम्मेदारी यह बताने की है कि परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक कैसे हुआ और अब तक परीक्षा दोबारा क्यों नहीं कराई गई।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर विफल रही है और अब छात्रों के भविष्य के साथ भी खिलवाड़ कर रही है। उनके अनुसार, शिक्षा व्यवस्था का बाजारीकरण हो चुका है और सरकार एक परीक्षा भी पारदर्शी एवं व्यवस्थित तरीके से आयोजित नहीं करा पा रही है।
वर्षा गायकवाड़ ने कहा कि यदि सरकार की एजेंसियां इतनी सक्षम थीं कि आरोपियों को पहले ही पकड़ लिया गया, तो फिर लाखों अभ्यर्थियों की परीक्षा स्थगित करने की नौबत क्यों आई। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्र का लीक होना ही परीक्षा प्रणाली की खामियों को उजागर करता है। केवल आरोपियों की गिरफ्तारी से सरकार अपनी जिम्मेदारी से बच नहीं सकती। छात्रों की मेहनत, समय और मानसिक तनाव का जवाब कौन देगा?
कांग्रेस सांसद ने कहा कि राहुल गांधी लगातार छात्रों से जुड़े मुद्दे उठा रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में आ रही गिरावट पर सरकार से जवाब मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष का सरकार से सवाल पूछना लोकतांत्रिक और संवैधानिक अधिकार है। भाजपा जब विपक्ष में थी तब वह भी सरकार से सवाल पूछती थी, इसलिए अब सवाल उठने पर सरकार को असहज नहीं होना चाहिए।
वर्षा गायकवाड़ ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के सवालों का जवाब देने के बजाय सरकार व्यक्तिगत टिप्पणियां कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं होगा और सरकार अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकती।


