मुंबई वार्ता संवाददाता

अयोध्या में प्रभु श्रीराम मंदिर की दानराशि पर डाका डालकर भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। इस मामले पर अब आरएसएस के भीतर से नाराजगी व्यक्त की जा रही है, लेकिन केवल नाराजगी जताने से कुछ नहीं होगा। यदि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ में साहस है तो मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम के नाम पर अरबों रुपये की दानराशि में कथित डाका डालने वालों और इस प्रकरण से जुड़े सभी लोगों को संघ से निष्कासित करना चाहिए, ऐसा चुनौतीपूर्ण आह्वान महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने किया।


छत्रपति संभाजीनगर में मराठवाड़ा विभाग की जिला-वार समीक्षा बैठक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में सांसद डॉ. कल्याण काले, सांसद डॉ. शिवाजीराव कालगे, सांसद रविंद्र चव्हाण, प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट गणेश पाटील, संभाजीनगर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष किरण पाटील डोणगांवकर, संभाजीनगर शहर कांग्रेस अध्यक्ष अक्रम सैयद अब्बास, प्रदेश प्रवक्ता हनमंत पवार, सुरेंद्र घोडसकर सहित कांग्रेस के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
मीडिया से बातचीत करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने राम मंदिर का इस्तेमाल अपने राजनीतिक लाभ के लिए किया। मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम को एक बड़े आयोजन के रूप में प्रस्तुत कर उसका पूरा श्रेय स्वयं लेने की कोशिश की गई, लेकिन अब उनका असली चेहरा सामने आ गया है। श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम के प्रति श्रद्धा और भक्ति भाव से जो दान दिया था, उसी धन पर इन लोगों ने डाका डाला। इस पूरे मामले के लिए ट्रस्ट का न्यास मंडल जिम्मेदार है। मंदिर के आर्थिक लेन-देन का हिसाब रखने की जिम्मेदारी कोषाध्यक्ष की होती है। यदि वे यह कह रहे हैं कि उनका इस कथित डकैती से कोई संबंध नहीं है, तो यह हास्यास्पद है। ट्रस्ट की मौजूदा भूमिका “यह मैंने नहीं किया” जैसी प्रतीत होती है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के एनडीए में जाने की अटकलों पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से इस प्रकार की चर्चाएं चल रही हैं, लेकिन पार्टी की कार्याध्यक्ष एवं सांसद सुप्रिया सुले ने इन खबरों का खंडन किया है और हमें उनके बयान पर विश्वास करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सत्ताधारी गठबंधन के भीतर सत्ता का संतुलन बिगड़ा हुआ है और सब कुछ सामान्य नहीं है।
पेपर लीक के खिलाफ कांग्रेस आक्रामकउद्धव ठाकरे से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के साथ-साथ नीट पेपर लीक, टीईटी पेपर लीक तथा एमपीएससी में हुई अनियमितताओं के खिलाफ लगातार आवाज उठा रही है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी नीट पेपर लीक के विरोध में देशभर में “छात्रों की गूंज” अभियान शुरू किया है। भाजपा सरकार के खिलाफ कांग्रेस ने पूरी तरह आक्रामक रुख अपनाया है।फर्जी सरकार का फर्जी कामकाजराज्य में दोबारा बुवाई का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है, लेकिन राज्य सरकार ने सूखे जैसी स्थिति से निपटने के लिए कोई तैयारी या ठोस योजना नहीं बनाई है। मुख्यमंत्री ने दावा किया था कि सरकार एल नीनो से उत्पन्न परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार है, लेकिन वास्तविक स्थिति बिल्कुल अलग है। पीने के पानी और सिंचाई दोनों का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। जिस प्रकार बाजार में फर्जी बीजों का कारोबार चल रहा है, उसी प्रकार यह सरकार भी फर्जी है और इसका पूरा कामकाज भी फर्जी है।
उन्होंने आगे कहा कि किसानों की कर्जमाफी जानबूझकर टाली जा रही है। आयकर विभाग से लाभार्थियों की सूची मांगी गई है और एक मंत्री ने अधिकारियों से वह सूची भी देर से भेजने के लिए कहा है। इससे स्पष्ट है कि सरकार किसानों को कर्जमाफी देने से बचने और उसे टालने का प्रयास कर रही है।


