किसानों की बिजली बिल माफी की घोषणा किसानों के लिए नहीं, बल्कि अडानी के लिए; MSEB को अडानी को सौंपने की साजिश: हर्षवर्धन सपकाल।

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मुंबई वार्ता संवाददाता

किसानों की कर्जमाफी की घोषणा किए जाने के बावजूद अब तक वास्तविक कर्जमाफी नहीं हुई है, फिर भी सरकार अपनी पीठ थपथपाने में लगी हुई है। दूसरी ओर किसानों के बिजली बिल माफ करने की घोषणा भी की गई है, लेकिन यह घोषणा भी भ्रामक और दिशाभ्रम पैदा करने वाली है। बिजली बिल माफी की घोषणा किसानों के हित में नहीं, बल्कि भाजपा के चहेते उद्योगपति अडानी के हित में की गई है। भाजपा सरकार का उद्देश्य महाराष्ट्र राज्य विद्युत मंडल (MSEB) के चारों विभागों का निजीकरण कर उन्हें अडानी को सौंपना है और उसी उद्देश्य से यह घोषणा की गई है। यह आरोप महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने लगाया।

तिलक भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि भाजपा सरकार हर क्षेत्र का निजीकरण कर रही है। अब शिक्षा के क्षेत्र का भी बड़े पैमाने पर निजीकरण करने की साजिश रची जा रही है, इसलिए राज्य के सरकारी स्कूल बंद किए जा रहे हैं। जो सरकारी स्कूल अभी भी चल रहे हैं, वहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कई स्कूलों में बिजली नहीं है, पीने के पानी की व्यवस्था नहीं है, शौचालय नहीं हैं और अनेक स्कूलों में शिक्षकों की भी कमी है। सरकार इन स्कूलों को चलाना ही नहीं चाहती। सरकारी स्कूलों को बंद कर शिक्षा व्यवस्था निजी कंपनियों के हवाले करने का प्रयास किया जा रहा है।

शिक्षा का निजीकरण और बाजारीकरण कर बहुजन समाज के बच्चों को शिक्षा से वंचित रखने की साजिश रची जा रही है। ऐसा लगता है कि राज्य में शिक्षा मंत्री हैं भी या नहीं। दादा भुसे को कड़ा निर्णय लेकर सरकारी स्कूलों को बचाना चाहिए, लेकिन वे केवल भ्रष्टाचार में लगे हुए हैं, ऐसा भी सपकाल ने कहा।

■ परिसीमन विधेयक देशविरोधी

हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि परिसीमन विधेयक देश की एकता के लिए खतरा है। इस विधेयक के पीछे भाजपा की मंशा देश को उत्तर और दक्षिण में बांटना है। यही कारण है कि संसद के पिछले सत्र में यह विधेयक पारित नहीं हो सका। अब संसद के मानसून सत्र में भाजपा इसे हर हाल में पारित कराने की कोशिश कर रही है। इसी उद्देश्य से तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) को एक बार फिर तोड़ने की कोशिश की गई है। कांग्रेस पार्टी ने इस विधेयक पर अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है और संसद में इस विधेयक की विस्तार से आलोचना की है। भाजपा देश में ‘वन नेशन, वन पॉलिटिकल पार्टी’ की व्यवस्था लागू करना चाहती है।

सोनम वांगचुक से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में हर्षवर्धन सपकाल ने कहा कि जिन मांगों को लेकर सोनम वांगचुक अनशन पर बैठे हैं, उन्हीं मांगों के समर्थन में कांग्रेस ने देशव्यापी आंदोलन शुरू किया है। कांग्रेस ने नीट पेपर लीक के मुद्दे को मजबूती से उठाया है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर एल्गार छेड़ा है। राहुल गांधी ने ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया है।

राजस्थान के कोटा से शुरू हुए इस अभियान का अगला कार्यक्रम 17 जुलाई को देहरादून में आयोजित किया जाएगा।इस पत्रकार परिषद में कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता अतुल लोंढे तथा प्रदेश महासचिव अभिजीत सपकाल भी उपस्थित थे।

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