मुंबई वार्ता संवाददाता

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में मुंबई में ‘वूमन्स ऑन व्हील्स’ पहल के तहत 135 और महिलाओं को ऑटो रिक्शा चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये महिलाएं खुद ऑटो रिक्शा की कमान संभालकर यात्री परिवहन क्षेत्र में अपनी पहचान बनाएंगी।


इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को केवल वाहन चलाने का प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि उन्हें स्वरोजगार और आर्थिक स्वतंत्रता का अवसर उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को ऑटो रिक्शा चलाने के साथ-साथ सड़क सुरक्षा, यातायात नियमों और वाहन संचालन से जुड़ी जरूरी जानकारी भी दी जा रही है।
मुंबई जैसे महानगर में ऑटो रिक्शा क्षेत्र लंबे समय से मुख्य रूप से पुरुषों का क्षेत्र माना जाता रहा है। ऐसे में बड़ी संख्या में महिलाओं का इस पेशे से जुड़ना सामाजिक बदलाव का संकेत माना जा रहा है। प्रशिक्षण के बाद महिलाएं स्वयं ऑटो चलाकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी।
‘Women on Wheels’ नाम से मुंबई में महिलाओं को वाहन चलाने और आत्मविश्वास के साथ सड़क पर उतरने के लिए प्रशिक्षण देने वाली पहल पहले से सक्रिय है। संस्था के अनुसार उसने पिछले वर्षों में हजारों महिलाओं को राइडिंग का प्रशिक्षण दिया है।
महिलाओं को परिवहन क्षेत्र में आगे लाने की ऐसी पहल से एक ओर जहां रोजगार के नए रास्ते खुल रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में महिला चालकों की भागीदारी भी बढ़ने की उम्मीद है। 135 महिलाओं के हाथों में ऑटो का स्टेयरिंग आना मुंबई में महिला सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


