मुंबई वार्ता संवाददाता

महामुंबई क्षेत्र में बिना सरकारी अनुमति के चल रहे 452 अवैध स्कूलों का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। शिक्षा विभाग द्वारा नोटिस, जुर्माना और एफआईआर जैसी कार्रवाई किए जाने के बावजूद अधिकांश स्कूल अब भी संचालित हो रहे हैं। अब सवाल उठ रहा है कि विभागीय कार्रवाई का वास्तविक प्रभाव आखिर किस पर पड़ रहा है।


उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, 452 अवैध स्कूलों में से अब तक केवल 23 स्कूल बंद किए गए हैं, जबकि 149 स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। इसके अलावा 396 स्कूलों को नोटिस या जुर्माना लगाया गया, लेकिन वास्तविकता यह है कि केवल चार स्कूलों से ही जुर्माना वसूला जा सका है।


■ मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में सबसे अधिक अवैध स्कूल
महामुंबई क्षेत्र में सबसे अधिक 164 अवैध स्कूल मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में पाए गए हैं। इनमें से 36 स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन अब तक एक भी स्कूल को बंद नहीं किया गया है। मान्यता न होने के बावजूद इन स्कूलों में विद्यार्थियों के प्रवेश जारी हैं।
मुंबई के उत्तर विभाग में 12 अवैध स्कूल पाए गए हैं। इनमें से तीन स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और सभी 12 स्कूलों को नोटिस या जुर्माना जारी किया गया है। हालांकि, केवल चार स्कूलों से ही जुर्माना वसूला जा सका है।
दक्षिण विभाग में 9 अवैध स्कूलों में से दो स्कूल बंद किए गए हैं और एक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। पश्चिम विभाग के तीन अवैध स्कूलों में से दो को बंद कर दिया गया है।
■ ठाणे में 139, पालघर में 77 अवैध स्कूल
ठाणे जिले में 139 अवैध स्कूल संचालित पाए गए हैं। इनमें से 14 स्कूल बंद किए गए हैं, जबकि 72 स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। 94 स्कूलों को नोटिस या जुर्माना जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद अवैध स्कूलों की संख्या में कोई कमी नहीं आई है।
पालघर जिले में 77 अवैध स्कूल पाए गए हैं। इनमें से एक भी स्कूल बंद नहीं किया गया है। 19 स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है और 76 स्कूलों को नोटिस या जुर्माना दिया गया है, लेकिन स्कूलों का संचालन जारी है।
रायगढ़ में भी कार्रवाई सीमित
रायगढ़ जिले में 48 अवैध स्कूल पाए गए हैं। इनमें से पांच स्कूल बंद किए गए हैं, 18 स्कूलों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है और 40 स्कूलों को नोटिस या जुर्माना जारी किया गया है।
■ कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
शिक्षा विभाग की ओर से नोटिस, एफआईआर और जुर्माने जैसी कार्रवाई तो की जा रही है, लेकिन अवैध स्कूलों को बंद कराने की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक अवैध स्कूलों पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ का यह सिलसिला जारी रह सकता है।


