■ 24 अगस्त से 2 सितंबर तक होगा आवासीय प्रशिक्षण शिविर; हर्षवर्धन सपकाल समेत राष्ट्रीय व प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेता होंगे शामिल।
मुंबई वार्ता संवाददाता

कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ के तहत जिला कांग्रेस कमेटियों के अध्यक्षों के चयन और नियुक्ति प्रक्रिया के हिस्से के रूप में नाशिक में 24 अगस्त से 2 सितंबर तक 10 दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जाएगा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के प्रशिक्षण विभाग के नेतृत्व में होने वाले इस शिविर में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी प्रशिक्षणार्थियों को विशेष मार्गदर्शन देंगे।


नाशिक के एमटीडीसी रिसॉर्ट में आयोजित होने वाले इस प्रशिक्षण शिविर में कांग्रेस की आगामी दिशा और दृष्टिकोण, पार्टी के सामने मौजूद चुनौतियां, संगठनात्मक तैयारियां, कांग्रेस की विचारधारा और देश की राजनीति में पार्टी की भूमिका जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। नई पीढ़ी के कार्यकर्ताओं के सवालों, अपेक्षाओं, मुद्दों और राजनीतिक दृष्टिकोण को भी प्रशिक्षण में विशेष महत्व दिया जाएगा।
राज्य और देश के विभिन्न क्षेत्रों के जाने-माने अध्यापक, विशेषज्ञ और विषय विशेषज्ञ प्रशिक्षणार्थियों का मार्गदर्शन करेंगे। कांग्रेस की राष्ट्रीय वॉर रूम के प्रमुख और सांसद शशिकांत सेंथिल तीन दिनों तक विशेष सत्र आयोजित करेंगे। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के साथ राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर के वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी प्रशिक्षणार्थियों से संवाद करेंगे।
कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य और AICC के प्रशिक्षण विभाग के प्रमुख सचिन राव के नेतृत्व में AICC की प्रशिक्षण टीम पूरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी संभालेगी।
■ ‘नई पीढ़ी, नया नेतृत्व और मजबूत संगठन’ पर जोर
कांग्रेस के अनुसार, प्रशिक्षण शिविर की रूपरेखा ‘नई पीढ़ी, नया नेतृत्व और मजबूत संगठन’ के व्यापक दृष्टिकोण को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। बदलते सामाजिक और राजनीतिक माहौल का अध्ययन करने के साथ ही जनता से प्रत्यक्ष संपर्क, संगठनात्मक कौशल, वैचारिक स्पष्टता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागी रोजाना श्रमदान में भी हिस्सा लेंगे। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक परिस्थितियों और आम जनता की समस्याओं को करीब से समझने के लिए उन्हें मनरेगा के तहत प्रत्यक्ष काम का अनुभव भी कराया जाएगा।
प्रदेश कांग्रेस के मुताबिक, श्रम, संघर्ष, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और आम लोगों की रोजमर्रा की समस्याओं का प्रत्यक्ष अनुभव हासिल कर पार्टी के संगठनात्मक और राजनीतिक नेतृत्व को अधिक सक्षम बनाने का प्रयास इस प्रशिक्षण के माध्यम से किया जाएगा।


