मुंबई वार्ता संवाददाता

गोरेगांव स्थित मृणालताई गोरे फ्लाईओवर एक्सटेंशन पर शुक्रवार को एक ट्रक के टकराने से फ्लाईओवर की रिटेनिंग वॉल का हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया। टक्कर के बाद फ्लाईओवर पर लगा साउंड बैरियर का एक हिस्सा नीचे एसवी रोड पर जा गिरा। गनीमत रही कि जिस समय यह हिस्सा सड़क पर गिरा, वहां कोई वाहन या पैदल यात्री मौजूद नहीं था, इसलिए किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।


यह घटना ओशिवारा मार्केट के पास हुई। एसवी रोड का यह हिस्सा आमतौर पर काफी व्यस्त रहता है। हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों ने फ्लाईओवर पर भारी वाहनों की गति को लेकर चिंता जताई और गति सीमा कम करने की मांग की है।
स्थानीय नागरिक संगठन लोकखंडवाला-ओशिवारा सिटिजन्स एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने फ्लाईओवर की सड़क की सतह और इसके कुछ हिस्सों में मौजूद तीखे मोड़ों पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इन स्थानों पर सड़क की सतह को अधिक खुरदरा बनाया जाना चाहिए, ताकि भारी वाहनों और अन्य वाहनों के फिसलने की आशंका कम हो। साथ ही भारी वाहनों के लिए अलग गति सीमा निर्धारित करने और स्पीड डिटेक्शन व निगरानी कैमरे लगाने की मांग भी की गई है।
हादसे के कुछ समय बाद हल्की बारिश के चलते उसी स्थान के आसपास कुछ बाइक सवारों के फिसलकर गिरने की भी जानकारी सामने आई। इससे फ्लाईओवर की सड़क की सतह और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
■ पहले भी हो चुका है ऐसा हादसा
मृणालताई गोरे फ्लाईओवर एक्सटेंशन पर साउंड बैरियर गिरने की यह पहली घटना नहीं है। जून 2026 में फ्लाईओवर शुरू होने के करीब दो सप्ताह बाद भी एक डंपर की टक्कर से दो नॉइज़ बैरियर पैनल टूटकर एसवी रोड पर गिर गए थे। उस घटना में भी किसी को चोट नहीं आई थी और बीएमसी ने बाद में दोनों बैरियरों की मरम्मत कर दी थी।
मृणालताई गोरे फ्लाईओवर का यह एक्सटेंशन करीब 750 मीटर लंबा और चार लेन वाला है। इसे गोरेगांव और राम मंदिर क्षेत्र के बीच यातायात को सुगम बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। परियोजना की लागत करीब 248 करोड़ रुपये बताई गई है।
लगातार दूसरी बार साउंड बैरियर के क्षतिग्रस्त होने की घटना के बाद अब फ्लाईओवर की सुरक्षा, सड़क की स्थिति और भारी वाहनों की गति नियंत्रण व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।


