मुंबई वार्ता संवाददाता

बॉम्बे हाईकोर्ट ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित पांच भोजनालयों के लाइसेंस निलंबित करने के मामले में महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) को कड़ी फटकार लगाई। अदालत ने FDA अधिकारी के रवैये पर नाराजगी जताते हुए कहा कि विभाग ने अदालत के निर्देशों का पालन करने के बजाय मामले में ‘पेडेंटिक’ यानी बेहद कठोर और यांत्रिक रवैया अपनाया।


कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे और न्यायमूर्ति गौतम ए. अनखड़ की पीठ के समक्ष शनिवार को मामले की सुनवाई हुई। FDA ने अदालत को बताया कि वह MCA के पांच भोजनालयों के खाद्य लाइसेंस निलंबित करने का अपना आदेश वापस लेगा। इसके बाद अदालत ने इन भोजनालयों को दोबारा खोलने का रास्ता साफ कर दिया।
■ पांच भोजनालयों के लाइसेंस किए गए थे निलंबित
FDA ने 20 अगस्त को MCA के BKC स्थित परिसर का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान कथित तौर पर रसोई में कॉकरोच और मक्खियां, गंदे फर्श, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और स्वच्छता से जुड़ी कमियां सामने आई थीं। इसके बाद 21 अगस्त को पांच भोजनालयों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे।
इनमें Permit Room, Oriental Swing, Clubway & Pastry Counter, Mediterranean और Pavilion शामिल थे। ये सभी भोजनालय शरद पवार इंडोर क्रिकेट अकादमी एवं रिक्रिएशनल सेंटर परिसर में स्थित हैं।
■ हाईकोर्ट ने दोबारा निरीक्षण का दिया था आदेश
MCA ने लाइसेंस निलंबन के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया। 25 अगस्त को अदालत ने FDA को दोबारा निरीक्षण करने और नए सिरे से रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था। अदालत ने कहा था कि यदि भोजनालय खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाए जाते हैं तो निलंबन हटाया जाना चाहिए। तब तक MCA को वेंडिंग मशीनों के जरिए केवल चाय और कॉफी परोसने की अनुमति दी गई थी।
इसके बाद गुरुवार को हुए नए निरीक्षण में भोजनालय 88 प्रतिशत तक खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप पाए गए। इसके बावजूद FDA ने लाइसेंस निलंबन जारी रखने का फैसला किया। FDA का तर्क था कि भोजनालयों का संचालन Shirke Infrastructure द्वारा किया जा रहा था, जबकि खाद्य लाइसेंस MCA के नाम पर थे।
■ ‘आप खुद को भगवान समझते हैं?’
FDA के इस रुख से नाराज अदालत ने अधिकारी को कड़ी फटकार लगाई। पीठ ने सवाल किया कि विभाग अदालत के स्पष्ट निर्देश के बावजूद व्यावहारिक दृष्टिकोण क्यों नहीं अपना रहा है।
अदालत ने कहा कि FDA ने आदेश पारित करते समय मामले पर उचित तरीके से विचार नहीं किया और बिना कानून का पर्याप्त विश्लेषण किए जल्दबाजी में कार्रवाई की। पीठ ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अधिकारी अदालत के निर्देशों की अनदेखी करते रहे तो उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है।
अदालत ने FDA के रवैये पर टिप्पणी करते हुए पूछा—“क्या आपको लगता है कि आप भगवान हैं और कुछ भी कर सकते हैं?” पीठ ने यह भी कहा कि विभाग को हर मामले में कठोर रुख अपनाने के बजाय परिस्थितियों को संतुलित करते हुए व्यावहारिक निर्णय लेना चाहिए।
■ FDA ने लाइसेंस निलंबन वापस लिया
अदालत की कड़ी टिप्पणियों के बाद अतिरिक्त सरकारी वकील पी. पी. काकड़े ने अदालत को बताया कि FDA पांचों भोजनालयों के लाइसेंस निलंबित करने का आदेश वापस लेगा। अदालत ने कहा कि नए निरीक्षण में भोजनालय नियमों के अनुरूप पाए गए हैं, इसलिए निलंबन आदेश प्रभावी नहीं रहेगा और वे फिर से अपनी सेवाएं शुरू कर सकते हैं।
हालांकि, MCA और Shirke Infrastructure के बीच अनुबंध एवं संचालन व्यवस्था से जुड़े सवाल पर FDA को MCA को नया नोटिस जारी कर सुनवाई करने और इसके बाद कारणयुक्त आदेश पारित करने की अनुमति दी गई है। यानी भोजनालयों को दोबारा खोलने की अनुमति मिल गई है, लेकिन अनुबंध से जुड़ा विवाद अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।
इस तरह हाईकोर्ट की दखल के बाद MCA के पांचों भोजनालयों पर लगा निलंबन हट गया और उन्हें फिर से संचालन की अनुमति मिल गई।


