श्रीश उपाध्याय/मुंबई वार्ता

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद राहुल गांधी इन दिनों हिंदू समाज में व्याप्त छुआछूत के मुद्दे को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। इसी को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के केंद्रीय मंत्री एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता शंकर गायकर ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल किया है कि उन्हें हिंदू समाज में छुआछूत तो दिखाई देता है, लेकिन ईसाई समुदाय के भीतर मौजूद कथित सामाजिक विभाजन क्यों नजर नहीं आता?


शंकर गायकर ने कहा कि ईसाई समुदाय के भीतर भी विभिन्न संप्रदायों के बीच सामाजिक दूरी और भेदभाव के मामले सामने आते हैं। उन्होंने विशेष रूप से कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट ईसाइयों का उदाहरण देते हुए दावा किया कि दोनों समुदायों के बीच कई स्थानों पर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर दूरी देखने को मिलती है।


गायकर का आरोप है कि राहुल गांधी हिंदू समाज में मौजूद छुआछूत को बढ़ा-चढ़ाकर राजनीतिक मुद्दा बना रहे हैं, जबकि अन्य समुदायों में मौजूद सामाजिक विभाजन पर उनकी ओर से कोई सवाल नहीं उठाया जाता।उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जब हिंदू समाज के बीच अपना जनाधार बढ़ाने के लिए जनेऊ पहनकर मंदिर-मंदिर घूम रहे थे, तब उन्हें हिंदू समाज या ब्राह्मण समाज की कमियां दिखाई नहीं देती थीं। अब राजनीतिक परिस्थितियों के अनुसार वे हिंदू समाज में छुआछूत का मुद्दा उठा रहे हैं।
गायकर ने कहा, “आज रास्तों पर, ट्रेन में, बसों में और फ्लाइट में कहीं भी कोई छुआछूत नहीं दिखता। छुआछूत राहुल गांधी के दिमाग में है।” उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इस मुद्दे के जरिए समाज के एक वर्ग को दूसरे वर्ग के खिलाफ खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं।उन्होंने आगे सवाल किया कि राहुल गांधी उन मौलवियों और मुस्लिम धार्मिक नेताओं के खिलाफ क्यों नहीं बोलते, जिनके बारे में उनका आरोप है कि वे संविधान से ऊपर इस्लाम को मानते हैं।
गायकर ने ईसाई समुदाय के भीतर कथित सामाजिक दूरी का उल्लेख करते हुए कहा कि कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट ईसाइयों के बीच भी शादी-विवाह और खान-पान को लेकर कई स्तरों पर दूरी देखने को मिलती है। उनका दावा है कि ईसाई समाज में भी सामाजिक भेदभाव के मामले मौजूद हैं, लेकिन राहुल गांधी इस विषय पर चुप रहते हैं।दूसरी ओर, राहुल गांधी द्वारा हिंदू समाज में छुआछूत का मुद्दा उठाए जाने को लेकर गायकर ने इसे राजनीतिक रणनीति करार दिया।
ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस अपना खोया हुआ जनाधार वापस पाने के प्रयास में है और इसी क्रम में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के मतदाताओं को अपने पक्ष में लाने के लिए भाजपा और सामान्य वर्ग के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मतदाताओं के बीच समाजवादी पार्टी और अन्य राजनीतिक दलों की मौजूदगी है जबकि सामान्य वर्ग के मतदाताओं के बीच यूजीसी और आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर असंतोष की स्थिति के कारण कांग्रेस के सामने राजनीतिक चुनौती बनी हुई है। ऐसे में राहुल गांधी हिंदू समाज में छुआछूत के मुद्दे को राजनीतिक रूप से अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश कर रहे हैं। ईसाई समुदाय के भीतर कैथोलिक और प्रोटेस्टेंट के बीच सामाजिक दूरी इस कदर है कि प्रोटेस्टेंट ईसाई को कैथोलिक ईसाई के चर्च में आज भी प्रार्थना करने का अधिकार नहीं है और ना ही मरने के बाद प्रोटेस्टेंट ईसाई को कैथोलिक ईसाई के श्मशान गृह में दफनाने की इजाजत मिलती है। हालांकि राहुल गांधी कभी इस छुआछूत के बारे में मुहँ नहीं खोलते हैं।


