मुंबई वार्ता संवाददाता

गोवा के बिचोलिम में रियल एस्टेट कंपनी द हाउस ऑफ अभिनंदन लोढ़ा (HoABL) के ‘वन गोवा’ हाउसिंग प्रोजेक्ट से कथित तौर पर ₹6 करोड़ की रंगदारी मांगने के मामले में मुंबई पुलिस ने गोवा निवासी दो लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।


आरोप है कि दोनों ने प्रोजेक्ट का काम रुकवाने की धमकी देकर कंपनी से रकम की मांग की और कथित तौर पर कुल ₹41 लाख भी वसूल किए।कंपनी का मुख्यालय मुंबई में होने के कारण इस मामले में एन.एम. जोशी मार्ग पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। एफआईआर में सिद्धेश जन ताड़ी और प्रितेश सालगांवकर तथा उनके कुछ सहयोगियों के नाम शामिल किए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
■ प्रोजेक्ट साइट पर पहुंचकर कथित धमकी
शिकायत HoABL के लिए लायजनिंग एजेंट के तौर पर काम करने वाले 39 वर्षीय भूषण पाटील ने दर्ज कराई है। उनके मुताबिक, वह और उनके सहयोगी विनोद हिरे बिचोलिम स्थित ‘वन गोवा’ प्रोजेक्ट के लिए सरकारी मंजूरियां हासिल करने और निर्माण कार्य सुचारु रूप से चलाने की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
शिकायत के अनुसार, अप्रैल के अंतिम सप्ताह में सिद्धेश ताड़ी और प्रितेश सालगांवकर कथित तौर पर प्रोजेक्ट साइट पर पहुंचे। उन्होंने पाटील और उनके सहयोगियों के साथ गाली-गलौज की और आरोप लगाया कि कंपनी स्थानीय लोगों के साथ उचित व्यवहार नहीं कर रही है।
आरोप है कि दोनों ने प्रोजेक्ट का काम पूरा नहीं होने देने की धमकी दी और दावा किया कि उनके कहने पर प्रोजेक्ट के खिलाफ विरोध प्रदर्शन भी किया जा रहा है। जब पाटील ने उनकी मांग के बारे में पूछा तो कथित तौर पर ताड़ी ने अपने और सालगांवकर के लिए ₹3-₹3 करोड़, यानी कुल ₹6 करोड़ की मांग की।
■ पहले भुगतान से किया गया मामला शांत कराने का प्रयास
कंपनी का कहना था कि उसकी सभी गतिविधियां कानूनी हैं और शुरुआत में वरिष्ठ प्रबंधन ने कथित तौर पर रकम देने से इनकार कर दिया। हालांकि, प्रोजेक्ट में बाधा उत्पन्न होने की आशंका के चलते कंपनी ने बाद में दोनों आरोपियों को ₹10-₹10 लाख देने पर सहमति जताई।एफआईआर के अनुसार, 1 मई को ₹2-₹2 लाख की पहली किस्त कथित तौर पर दी गई।
आरोपियों ने इसके बाद प्रोजेक्ट में कोई और परेशानी खड़ी नहीं करने का आश्वासन दिया।लेकिन कुछ समय बाद दोनों ने कथित तौर पर फिर से रकम की मांग शुरू कर दी। उन्होंने दावा किया कि यह पैसा प्रदर्शन कर रहे लोगों के बीच बांटने के लिए जरूरी है।
शिकायत के मुताबिक, इसके बाद कंपनी की ओर से कथित तौर पर ताड़ी को ₹34 लाख और सालगांवकर को ₹7 लाख, यानी कुल ₹41 लाख का भुगतान किया गया।पुलिस जांच में जुटीमुंबई पुलिस ने मामले में आरोपियों के खिलाफ कथित रंगदारी और संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
फिलहाल पुलिस आरोपों की पुष्टि, कथित भुगतान के स्रोत और प्रोजेक्ट को बाधित करने की धमकियों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।पुलिस के अनुसार, एफआईआर में लगाए गए आरोपों की जांच जारी है और मामले में आगे की कार्रवाई जांच के निष्कर्षों के आधार पर की जाएगी।


